जब तक हम किसी भी काम को करने की कोशिश नहीं करते हैं, तब तक हमें वो काम नामुमकिन ही लगता है । कौन हिसाब रखे किसको कितना दिया, और कौन कितना बचायेगा, इसलिए ईश्वर ने आसान गणित लगाया, सबको…
सोच समझ कर दिया………
कटी हुई टहनियाँ भी कहाँ पर छांव देती है, हद से ज्यादा उम्मीदें हमेशा घाव ही देती है। जब तक किसी काम को किया नही जाता तब तक वह असंभव लगता है। अगर वो आपको याद नहीं करते तो आप याद कर लीजियें रिश्ते निभाते वक्त मुकाबला नहीं किया जाता!










