छत्तीसगढ के महासमुंद और कांकेर लोकसभा क्षेत्र में आने वाले धमतरी,कुरूद और सिहावा विधानसभा क्षेत्र में 26 अप्रैल को मतदान होगा। जिले में 753 मतदान केन्द्र है, जिसमें से 128 मतदान केन्द्र नक्सल प्रभावित में आता है। ऐसे में नगरी-सिहावा क्षेत्र के नक्सल प्रभावित मतदान केन्द्रों में शांतिपूर्ण मतदान कराना प्रशासन के लिए किसी चुनौती से कम नही है। दरअसल धमतरी जिला भी लाल आतंक से जूझ रहा है। वही 2023 विधानसभा चुनाव के दौरान मेचका थाना क्षेत्र में मतदान दल के लिए रास्ते में टिफिन बम लगाया गया था, जो ब्लास्ट हो गया थाा।हांलाकि इस घटना में कोई भी हताहत नही हुआ था।
गौरतलब है कि नगरी क्षेत्र में ओडिशा सीमा में लगे एकावरी,जोगीबिरदो, मैनपुर,लिखमा,बनियाडीह, मेचका, खल्लारी,बोराई सहित करीब चार दर्जन से ज्यादा गांवों में नक्सलियों का प्रभाव है। ऐसे में आगामी लोकसभा चुनाव को नक्सलियों के द्वारा प्रभावित करने से इंकार नही किया जा सकता। जिला प्रशासन का कहना है कि जिले के 50 प्रतिशत मतदान केन्द्रो में वेब कास्टिंग किया गया है। साथ ही इनमें माईक्रो आर्ब्जवर नियुक्त किए गए है। वही नक्सल प्रभावित मतदान केन्द्रो की निगरानी के लिए सीसीटीवी कैमरे लगाए गए है और इन मतदान केन्द्रो में पुलिस की कड़ी पहरा रहेगी। बहरहाल प्रशासन का कहना है कि नक्सल क्षेत्र के मतदान केन्द्रो में शांतिपूर्ण मतदान के लिए पूरी तैयारी हो गई है।










