नौतपा के दौरान बस्तर में भीषण गर्मी पड़ रही है, जिस वजह से जगदलपुर में पेयजल संकट एक बार फिर मंडराने लगा है। हर साल गर्मी के दौरान शहर के करीब 8 वार्ड ड्राई जोन में तब्दील हो जाते हैं। इन वार्डों में पेयजल की आपूर्ति नगर निगम के लिए बड़ी चुनौती साबित होती है, इसलिए निगम ने शहर के ड्राई जोन वाले वार्डों में 13 नए बोर करने का लक्ष्य रखा था। बोर खनन की शुरुआत भी निगम के द्वारा की गई थी। इन दिनों तपती धूप के दौरान कई वार्डवासी पानी के लिए तरस रहे हैं। शहरवासियों को 24 घंटे मिलने वाला पेयजल का इंतज़ार खत्म होने का नाम नहीं ले रहा है।
शहर के 48 वार्डो में 24 घंटे पेयजल की सुविधा देने 7 साल पहले 150 करोड़ की लागत से शुरू हुई अमृत मिशन का काम अभी भी अधूरा पड़ा है। तय समय के मुताबिक अमृत मिशन का काम सितंबर 2019 मे पूरा होना था, लेकिन अबतक यह काम 90 प्रतिशत ही पूरा हो पाया है। शहर में आखिरी चरण का काम बचा है, इसलिए घर घर पेयजल की योजना इस वर्ष भी पूरा नहीं हो पाई। शहर के जवाहर नगर वार्ड में पेयजल की समस्या से वार्डवासी जूझ रहे हैं। हालांकि यहां बोर जरूर किया गया है, लेकिन बोर में जो मोटर का प्रयोग किया गया है वह 2 एचपी का है। यही वजह है कि बोर से पानी नहीं निकल पा रहा है। टैंकर के भरोसे वार्डवासी रहते हैं। कई दिन वार्ड में टैंकर भी नहीं पहुंच पाता है। ड्राई जॉन वाले कई वार्ड में जलस्तर नीचे चले जाने से बोर कामयाब नहीं हो रहा। खासतौर पर कंगोली, जवाहर नगर वार्ड, बलीराम कश्यप वार्ड में दिक्कत लोगों को आ रही है।










