सुरेंद्र दुबे मंडप बना सेल्फी हॉटस्पॉट, छत्तीसगढ़ महतारी की छवि ने मोहा मन
रायपुर | 25 जनवरी 2026। नवा रायपुर स्थित पुरखौती मुक्तांगन परिसर में आयोजित तीन दिवसीय रायपुर साहित्य उत्सव 2026 में इस बार सिर्फ साहित्य ही नहीं, बल्कि रंगों की दुनिया भी लोगों को आकर्षित कर रही है। सुरेंद्र दुबे मंडप में आयोजित भव्य चित्रकला प्रदर्शनी उत्सव का प्रमुख आकर्षण बनकर उभरी है, जो अब लोगों के लिए एक प्रमुख सेल्फी हॉटस्पॉट भी बन चुकी है।

मंडप में प्रवेश करते ही दर्शकों का ध्यान सबसे पहले छत्तीसगढ़ महतारी की अद्भुत चित्रकृति खींचती है। रायपुर की कलाकार सोनल शर्मा द्वारा बनाई गई इस पेंटिंग में छत्तीसगढ़ महतारी के एक हाथ में पंडवानी का तंबूरा, दूसरे हाथ में हंसिया, धान की बाली और आशीर्वाद की मुद्रा में उनका स्वरूप दर्शाया गया है। यह चित्र दर्शकों को भावनात्मक रूप से जोड़ते हुए छत्तीसगढ़ की आत्मा का जीवंत प्रतिबिंब प्रस्तुत करता है।
इसके बाद कलाकार अवध कंवर द्वारा बनाया गया बस्तर के बाजार का चित्र दर्शकों को एक जीवंत लोक संसार में ले जाता है, जहां जनजीवन, संस्कृति और परंपरा रंगों में सांस लेती प्रतीत होती है। साहित्यिक दृष्टिकोण से यह चित्र ऐसा प्रतीत कराता है मानो लाला जगदलपुरी और विनोद कुमार शुक्ल की कविताएं कैनवास पर उतर आई हों।
जांजगीर की कलाकार दिव्या चंद्रा द्वारा निर्मित राजिम कुंभ का चित्र तीर्थ की दिव्यता, ऊर्जा और आध्यात्मिक अनुभूति को सजीव रूप में प्रस्तुत करता है। चित्र को देखकर दर्शकों को मानो राजिम की आध्यात्मिक उष्मा का अनुभव होने लगता है।
वहीं रामगढ़ की पहाड़ियों पर आधारित चित्रों में ऐसा दृश्यात्मक जादू रचा गया है कि दर्शकों को यह अनुभूति होती है मानो इसी भूमि पर महाकवि कालिदास ने पहली बार मेघ को देखा हो और यहीं से उनकी अमर रचना ‘मेघदूतम्’ की कल्पना ने आकार लिया हो।
छत्तीसगढ़ की सांस्कृतिक विरासत रंगों में साकार
कार्यशाला के संयोजक भोजराज धनगर ने बताया कि छत्तीसगढ़ राज्य के रजत जयंती वर्ष के उपलक्ष्य में इस चित्रकला प्रदर्शनी का आयोजन किया गया है। इसमें प्रदेश की सांस्कृतिक विरासत, प्राकृतिक सौंदर्य और जनजीवन को दर्शाती विविध चित्रकृतियाँ प्रदर्शित की गई हैं, जो दर्शकों को छत्तीसगढ़ की आत्मा से जोड़ने का कार्य कर रही हैं।
पेंटिंग एवं कार्टून कार्यशाला भी बनी आकर्षण का केंद्र
चित्रकला प्रदर्शनी के साथ-साथ सुरेंद्र दुबे मंडप में पेंटिंग एवं कार्टून कार्यशाला का भी आयोजन किया गया है। यहां युवा कलाकारों और विद्यार्थियों को अनुभवी कलाकारों से प्रत्यक्ष मार्गदर्शन प्राप्त हो रहा है। कार्यशाला में रंग तकनीक, रेखांकन, भाव-प्रस्तुति और सामाजिक विषयों पर कार्टून निर्माण जैसे पहलुओं पर विशेष फोकस किया जा रहा है।
कला और साहित्य का अनूठा संगम
रायपुर साहित्य उत्सव में बड़ी संख्या में साहित्य प्रेमी, विद्यार्थी और आम दर्शक पहुंच रहे हैं। कला और साहित्य के इस संगम ने उत्सव को एक बहुआयामी स्वरूप प्रदान किया है, जहां शब्दों के साथ-साथ रंगों के माध्यम से भी संवेदनाओं की सशक्त अभिव्यक्ति हो रही है।









