रायपुर, 16 मार्च 2026। छत्तीसगढ़ विधानसभा में अनुसूचित जाति विकास विभाग के लिए वर्ष 2026-27 के बजट में 573 करोड़ रुपये से अधिक की अनुदान मांगें पारित कर दी गईं। सरकार ने अनुसूचित जाति वर्ग के सामाजिक, शैक्षणिक और आर्थिक विकास के लिए कई नई योजनाओं और बजटीय प्रावधानों की घोषणा की है।
विधानसभा में चर्चा के दौरान अनुसूचित जाति विकास मंत्री गुरु खुशवंत साहेब ने कहा कि सरकार समाज के अंतिम छोर पर खड़े अनुसूचित जाति वर्ग के उत्थान के लिए लगातार काम कर रही है। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार मनखे-मनखे एक समान के सिद्धांत को आधार बनाकर समाज में समरसता और विकास को आगे बढ़ा रही है।
मंत्री ने बताया कि अनुसूचित जाति कल्याण के लिए 7 करोड़ 15 लाख 39 हजार रुपये और अनुसूचित जाति उपयोजना के लिए 565 करोड़ 89 लाख 8 हजार रुपये का प्रावधान किया गया है। इस प्रकार कुल 573 करोड़ 4 लाख 47 हजार रुपये का बजट तय किया गया है, जो पिछले वर्ष के बजट की तुलना में लगभग 7.88 प्रतिशत अधिक है।
अनुसूचित जाति उपयोजना में 12,970 करोड़ का प्रावधान
राज्य के मुख्य बजट में अनुसूचित जाति उपयोजना के तहत विभिन्न विभागों के माध्यम से 12,970 करोड़ 2 लाख 45 हजार रुपये का समेकित बजट प्रावधान किया गया है। इस राशि का उपयोग विकास और अधोसंरचना से जुड़ी योजनाओं के क्रियान्वयन में किया जाएगा।
नई योजनाओं के लिए विशेष प्रावधान
सरकार ने बजट में कई नई योजनाओं को भी शामिल किया है। अनुसूचित जाति विकास संचालनालय की स्थापना के लिए 30 नए पदों के सृजन हेतु 2 करोड़ 26 लाख 4 हजार रुपये का प्रावधान किया गया है। वहीं परंपरागत चर्म शिल्प व्यवसाय से जुड़े लोगों की आजीविका सुधारने के लिए प्रशिक्षण और सामग्री उपलब्ध कराने हेतु 2 करोड़ रुपये निर्धारित किए गए हैं।
छात्रावास और शिक्षा सुविधाओं का विस्तार
प्रदेश में अनुसूचित जाति वर्ग के विद्यार्थियों के लिए वर्तमान में 342 प्री-मैट्रिक छात्रावास, 92 पोस्ट-मैट्रिक छात्रावास और 51 आश्रम संचालित हैं, जिनमें कुल 25 हजार 927 सीटें स्वीकृत हैं। भवन विहीन संस्थाओं के लिए नए छात्रावास भवनों के निर्माण के लिए 25 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है। इसके तहत बिलासपुर, मुंगेली, रायपुर, जशपुर और बेमेतरा जिलों में छात्रावास, क्रीड़ा परिसर और आवासीय विद्यालय बनाए जाएंगे।
बड़े शहरों में छात्रावास नहीं मिलने वाले विद्यार्थियों को सहायता देने के लिए मुख्यमंत्री शिक्षा सहयोग योजना के अंतर्गत 2 करोड़ 50 लाख रुपये का प्रावधान किया गया है। विद्यार्थियों के शैक्षणिक अध्ययन भ्रमण के लिए भी 1 करोड़ रुपये की व्यवस्था की गई है।
प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी के लिए विशेष योजना
अनुसूचित जाति वर्ग के विद्यार्थियों को उच्च प्रतियोगी परीक्षाओं के लिए तैयार करने के उद्देश्य से सीजी अस्सिटेंस फॉर कम्पेटीटिव एग्जामिनेशन योजना शुरू की जाएगी। इसके अंतर्गत उड़ान, शिखर और मंजिल नामक तीन घटकों के लिए कुल 7 करोड़ 47 लाख 70 हजार रुपये का प्रावधान किया गया है। इस योजना के माध्यम से इंजीनियरिंग, मेडिकल, यूपीएससी, सीजीपीएससी, एसएससी, रेलवे और बैंकिंग जैसी परीक्षाओं की तैयारी के अवसर मिलेंगे।
सतनाम पंथ के तीर्थ स्थलों का होगा विकास
सतनाम पंथ से जुड़े तीर्थ स्थलों के विकास के लिए भी बजट में राशि का प्रावधान किया गया है। गिरौदपुरी-भंडारपुरी क्षेत्र में सोलर स्ट्रीट लाइट, सतनाम मार्ग के विकास और सामुदायिक भवन निर्माण के लिए 2 करोड़ 50 लाख रुपये निर्धारित किए गए हैं।
अनुसूचित जाति विकास प्राधिकरण का बजट बढ़ा
सरकार ने अनुसूचित जाति बाहुल्य जिलों के विकास के लिए गठित प्राधिकरण के बजट में 25 करोड़ रुपये की वृद्धि करते हुए इसे 75 करोड़ रुपये करने का प्रस्ताव रखा है। मंत्री ने कहा कि सामाजिक समरसता और समानता के संदेश के साथ सरकार अनुसूचित जाति वर्ग के विकास के लिए लगातार काम करती रहेगी।










