कर्म का फल व्यक्ति को उसी तरह ढूंढ लेता है, जैसे कोई बछड़ा सैकड़ों गायों के बीच अपनी मां को ढूंढ लेता है।
किसी ने सच ही कहा है, जैसा करोगे वैसा पाओगे। जो बो वो उगाओगे। इस लिए अनजाने में भी गलत कम करने से बचना चाहिए।
अच्छे कर्म का फल हमेशा सुखद और शांति देने वाला होता है और बुरे काम का फल बुरा ही होता है दुख, अशांति और परेशानी को जन्म देता है।










