हसरत, सोचने और सुनने में बड़ा ही सरल लगता है ये शब्द पर इसमें छुपी भावना बड़ी होती है। हम जा किसी बात की योजना बनाते हैं तो उसके साथ ही उससे जुड़ी तमाम बातें जेहन में आने लगती है और हम सपने बुनने लगते हैं।
अगर मन में ये हसरत न हो तो सपनो की भी कोई जगह नही रहेगी और बिना सपनों के जीवन जहां है वही थम जाएगा। इस एक शब्द के साथ ही हर दिन की शुरुआत होती है और हम जीवन के अगले पड़ाव में पहुंचने के लिए नई कोशिश और चुनौती का सामना करने लगते हैं।











