रायपुर, 8 मार्च 2026। अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस के अवसर पर बस्तर के लाल बहादुर शास्त्री मिनी स्टेडियम में आयोजित महतारी वंदन सम्मेलन 2026 में मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने प्रदेश की महिलाओं को बड़ा आर्थिक संबल दिया। कार्यक्रम के दौरान महतारी वंदन योजना की 25वीं किश्त जारी करते हुए राज्य की 69 लाख 48 हजार महिलाओं के खातों में 641 करोड़ 58 लाख रुपये की राशि अंतरित की गई।

मुख्यमंत्री ने कहा कि छत्तीसगढ़ की मातृशक्ति समाज की सबसे बड़ी ताकत है और महिलाओं का आर्थिक व सामाजिक सशक्तिकरण ही विकसित छत्तीसगढ़ की मजबूत नींव है। उन्होंने कहा कि सरकार का हर निर्णय महिलाओं के सम्मान, सुरक्षा और आत्मनिर्भरता को केंद्र में रखकर लिया जा रहा है।
मुख्यमंत्री ने बताया कि महतारी वंदन योजना के तहत अब तक महिलाओं को कुल 16 हजार 237 करोड़ रुपये की राशि प्रदान की जा चुकी है। पिछले 25 महीनों से हर पात्र महिला के खाते में नियमित रूप से एक हजार रुपये भेजे जा रहे हैं और अब तक प्रत्येक हितग्राही महिला को 25 हजार रुपये मिल चुके हैं।
उन्होंने कहा कि योजना को निरंतर जारी रखने के लिए राज्य सरकार ने इस वर्ष के बजट में 8 हजार 200 करोड़ रुपये का प्रावधान किया है। इस आर्थिक सहायता से महिलाएं बच्चों की पढ़ाई, स्वास्थ्य, घरेलू जरूरतों, बचत और स्वरोजगार जैसे कार्यों में राशि का उपयोग कर रही हैं, जिससे परिवारों की आर्थिक स्थिति मजबूत हो रही है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि महिलाएं केवल परिवार का संचालन ही नहीं करतीं, बल्कि वे बेहतर वित्तीय प्रबंधन की भी मिसाल हैं। कई महिलाओं ने योजना की राशि से स्वरोजगार शुरू किया, तो कई ने बच्चों की शिक्षा और परिवार के छोटे व्यवसाय को आगे बढ़ाने में इसका उपयोग किया।
उन्होंने कहा कि केंद्र और राज्य सरकार के प्रयासों से नक्सलवाद अब अंतिम चरण में पहुंच रहा है। नक्सल हिंसा से प्रभावित परिवारों और आत्मसमर्पित नक्सलियों के पुनर्वास के लिए 15 हजार आवास स्वीकृत किए गए हैं। बस्तर सहित दूरस्थ क्षेत्रों में शांति, विकास और विश्वास का वातावरण बन रहा है।
सरकार द्वारा महिलाओं के सशक्तिकरण के लिए कई अन्य पहल भी की जा रही हैं। मुख्यमंत्री कन्या विवाह योजना के तहत पिछले दो वर्षों में 21 हजार 754 बेटियों के विवाह कराए गए हैं। प्रदेश में महिलाओं के लिए 368 महतारी सदन बनाने की स्वीकृति दी गई है, जिनमें से 137 का निर्माण पूरा हो चुका है।
महिलाओं की आय बढ़ाने के लिए स्वसहायता समूहों को लगातार प्रोत्साहित किया जा रहा है। प्रदेश में अब तक 8 लाख महिलाओं को लखपति दीदी बनाया जा चुका है और सरकार का लक्ष्य इसे बढ़ाकर 10 लाख तक पहुंचाना है। साथ ही महिला समूहों के माध्यम से रेडी टू ईट फूड निर्माण कार्य भी फिर से शुरू किया गया है, जिससे स्थानीय स्तर पर रोजगार के अवसर बढ़ेंगे।
कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री ने वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से धमतरी, मोहला-मानपुर-अंबागढ़ चौकी, जांजगीर-चांपा, गौरेला-पेंड्रा-मरवाही और सरगुजा की लाभार्थी महिलाओं से संवाद भी किया। महिलाओं ने बताया कि योजना से मिली राशि से उन्होंने स्वरोजगार शुरू किया, बेटियों के नाम बचत खाते खोले और परिवार की आर्थिक स्थिति को मजबूत किया।
इस अवसर पर महिला एवं बाल विकास विभाग की ओर से लक्ष्मी सखी मिलेट कार्ट पहल का भी शुभारंभ किया गया। इस पहल के तहत महिलाओं को मिलेट आधारित खाद्य उत्पाद बनाने और बेचने के लिए प्रशिक्षण दिया जाएगा, जिससे उन्हें स्थायी आजीविका का अवसर मिलेगा।
कार्यक्रम में महिला एवं बाल विकास मंत्री लक्ष्मी राजवाड़े, वन मंत्री केदार कश्यप, जनप्रतिनिधि, अधिकारी और बड़ी संख्या में महिलाएं उपस्थित रहीं।









