महर्षि दयानंद सरस्वती के द्वितीय जन्म शताब्दी पर आयोजित अंतरराष्ट्रीय सर्वधर्म सम्मेलन में विभिन्न् धर्मों के धर्मगुरुओं ने अखंड भारत पर जोर दिया। मुस्लिम धर्मगुरुओं ने कहा कि भारत ही एक ऐसा देश है जिसमें सभी धर्मों को सम्मान मिलता है। वह दिन दूर नहीं जब पाकिस्तान, अफगानिस्तान और बांग्लादेश का विलय भारत में होगा और अखंड भारत बनेगा। पाकिस्तान की बेहाल जनता घर वापसी (भारत में शामिल होना) चाहती है। योग गुरु बाबा रामदेव ने कहा कि गुलाम जम्मू कश्मीर तक भारत बढ़ने वाला है।
ब्रह्मसरोवर के योग भवन के पास आयोजित सम्मेलन में आल इंडिया इमाम आर्गेनाइजेशन के मुख्य इमाम डा. उमर अहमद इलियासी ने कहा कि पाकिस्तान जल्द भारत में शामिल हो जाएगा। इसके बाद बांग्लादेश और अफगानिस्तान भी भारत में आ जाएंगे। यही उत्तम भारत और अखंड भारत है। इसके बाद सभी वक्ताओं ने इस लाइन को आगे बढ़ाया। उन्होंने कहा कि आज भारत एक बार फिर विश्वगुरु बनने की ओर आगे बढ़ रहा है। पूरी दुनिया भारत की तरफ उम्मीद भरी नजरों से देख रही है।
मौलाना फाउंडेशन आफ इंडिया के अध्यक्ष मौलाना कौकब मुजतबा ने कहा कि शांति देखना है तो भारत की तरफ देखें और आतंकवाद देखना है तो पाकिस्तान को देखें। जब अखंड भारत बनेगा तो पहला इस्लामिक कार्यालय लाहौर में बनेगा और उस पर तिरंगा लहराएगा। जिस रास्ते पर भारत है कोई भी उसे विश्वगुरु बनने से नहीं रोक सकता। उन्होंने कहा कि यह संदेश पाकिस्तान तक जाना चाहिए। दरगाह शरीफ अजमेर के हाजी सैयद सलमान चिश्ती ने कहा कि भारत की आध्यात्मिक ताकत सबसे बड़ी ताकत है। विदेशी हमसे अध्यात्म सीखने आते हैं। हम जाति-धर्म से ऊपर उठकर कार्य करें और एक दूसरे का सम्मान करें। जी-20 का प्रतिनिधित्व मिलना गौरव की बात है। इसका श्रेय प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी को जाता है।
मुस्लिम धर्मगुरुओं की बात को आगे बढ़ाते हुए योग गुरु बाबा रामदेव ने भी कहा कि अब कातिलाना हमला बंद होना चाहिए तथा पूर्वजों की सांझी संस्कृति और विरासत को मिलकर आगे बढ़ाना चाहिए। एक दूसरे के धर्म और संस्कृति का सम्मान करें। वह बोले, भारत में रहने वाले हम सभी आर्य हैं। चाहे हमारा धर्म के अनुसार पहनावा व वेशभूषा भले अलग हो। हम एक-दूसरे के घर में घुसते हैं ऐसा नहीं करें और स्वयं में ढता रखें। एक-दूसरे के धर्मों का सम्मान कर महर्षि दयानंद सरस्वती के विचारों को धारण कर भारत को विश्वगुरु बनाने की ओर आगे बढ़ें।
भारत माता के जयकारा लगाने में आपत्ति क्यों
मुस्लिम धर्मगुरुओं ने उन मुस्लिम नेताओं पर भी हमला किया जो भारत माता के जयकारे लगाने से कतराते हैं या विरोध करते हैं। उन्होंने कहा कि जिस धरती माता की खाते हैं उसकी जयकारा लगाने में आपत्ति क्यों। अब इस तरह की राजनीति छोड़ दें। उन्होंने सम्मेलन में भारत माता के जयकारे भी लगवाए।









