बिहार विधानसभा चुनाव में एनडीए फिर सत्ता तक पहुंच गया है। इसके साथ ही बिहार के नतीजों पर प्रतिक्रियाएं आने लगी हैं। इसी कडी में शिवसेना ने अपने मुखपत्र सामना में बिहार चुनाव पर लेख लिख लिखा है। इस लेख को शिवसेना सांसद प्रियंका चतुर्वेदी ने ट्वीट किया और लिखा कि चिराग पासवान की पार्टी ने भाजपा को फायदा पहुंचाया, जिसकी वजह से जदयू नंबर तीन की पार्टी बन गई।
प्रियंका चतुर्वेदी ने अपने ने ट्वीट में यह भी लिखा कि चिराग की ओर से ‘दिल में है मोदीजी’ की बात सिर्फ डायलॉग नहीं था, उसके पीछे पूरी तैयारी थी। शिवसेना सांसद के अलावा उसके मुखपत्र सामना में भी बिहार को लेकर लेख छापा है। इसमें लिखा गया है कि बिहार में आर-पार की लड़ाई में ‘एनडीए’ अर्थात भाजपा-नीतीश कुमार गठबंधन को बढ़त मिली है, लेकिन मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के ‘जद-यू’ को झटका लगा है। बिहार में फिर से राजग की सरकार आई है। मगर नीतीश कुमार फिर मुख्यमंत्री बनेंगे क्या? यह मामला अधर में है।
सामना में लिखा गया है कि नीतीश कुमार की जदयू 50 सीटों का आंकड़ा भी नहीं छू पाई, जबकि भाजपा ने 70 का आंकड़ा पार किया। नीतीश की पार्टी को कम सीटें मिलने के बावजूद वे मुख्यमंत्री बनेंगे, ऐसा अमित शाह को घोषणा करनी पड़ी थी। ऐसा ही वादा उन्होंने 2019 के चुनाव में शिवसेना को भी दिया था, उस वचन को नहीं निभाया गया। महाराष्ट्र में नया राजनीतिक महाभारत हुआ। अब कम सीटें मिलने के बावजूद नीतीश कुमार को दिया गया वचन पूरा किया गया तो इसका श्रेय शिवसेना को देना होगा।









