छत्तीसगढ़ की राजधानी रायपुर में डेंगू पीड़ित मरीजों की संख्या लगातार बढ़ती जा रही है। बारिश के बाद डेंगू का प्रकोप हमेशा बढ़ जाता है। इसकी रोकथाम के लिए निगम के स्वास्थ्य अधिकारी ने बैठक ली। पिछले साल रामनगर, भारत नगर, पुरानी बस्ती और लाखे नगर क्षेत्र में इसका प्रकोप सबसे ज्यादा था।
निगम स्वास्थ्य अधिकारी तृप्ति पाणिग्रही ने बताया कि निगम आयुक्त के आदेश पर प्रिवेंशन ऑफ़ डेंगू कार्यक्रम चलाया जा रहा है। स्वास्थ्य विभाग के साथ मिलकर कार्ययोजना तैयार की जा रही है। निगम द्वारा डेंगू के प्रकोप वाले सेंसिटिव एरिया की जानकारी दी गई है। उन्हें चिन्हांकित करके आपसी समन्वय बना कर सर्वे करवाने और रोकथाम के इंतजाम करने का निर्णय लिया गया। इस दौरान एंटी लार्वा का छिड़काव बढ़ा दिया है। फॉकिंग का उपयोग कम किया है, क्योंकि यह स्वास्थ्य के दृष्टि से हानिकारक होता है। यह विकसित मच्छरों को केवल कुछ देर के लिए बेहोश करता है। जितने भी हॉटस्पॉट बनाए गए हैं वहां से सैंपल मंगाया जा रहा है, ताकि जल्द से जल्द इसकी रोकथाम की जाए।
निगम स्वास्थ्य अधिकारी पाणिग्रही ने बताया कि तालाब के किनारे के क्षेत्र में हमने फोकस किया है और टीम के साथ मिलकर काम कर रहे हैं, क्योंकि 16 मई को राष्ट्रीय डेंगू दिवस है। इसके लिए हम जन जागरूक कार्यक्रम शुरू करेंगे, ताकि लोगों को जागरूक किया जाए।










