गर्मी की शुरुआत होते ही जल संकट शुरू हो जाता है, तमाम वार्डों में पानी की समस्या शुरू हो गई। ऐसे में निगम नेता प्रतिपक्ष मीनल चौबे ने महापौर को ज्ञापन देकर जल संकट से अवगत कराया। इसका संज्ञान में लेते हुए महापौर ने नेता प्रतिपक्ष सहित तमाम वार्ड पार्षद और निगम अधिकारियों की बैठक बुलाई। बैठक में जल संकट और उससे निपटने पर चर्चा की गई।
रायपुर नगर निगम में जल संकट को लेकर बुलाई गई बैठक में तमाम पार्षद और निगम अधिकारी मौजूद थे। बैठक में नेता प्रतिपक्ष मीनल चौबे ने कहा कि केवल 42 वार्ड के जन प्रतिनिधियों को बुलाया गया। अमृत मिशन के अधिकारी द्वारा दावा किया गया कि उन्होंने 100% अपना काम किया, लेकिन उनका दावा केवल कागजों में दिख रहा है। चाहे सत्ता पक्ष का पार्षद हो या विपक्ष का अमृत मिशन के कार्यों से संतुष्ट नहीं है। हमारे आग्रह पर महापौर ने बैठक बुलाई और सच उनके सामने आ गया। सभी के वार्डों में पानी की समस्या है। महापौर समस्या से निपटने में विफल रहे। जिन क्षेत्रों में जनसंख्या बढ़ती है उन क्षेत्र में नगर निगम को सूचना दी जाती है और मूलभूत सुविधाएं उपलब्ध कराने के लिए कार्य किया जाता है। हमारे द्वारा एक हफ्ते का अल्टीमेटम दिया गया, ताकि जल्द से जल्द समस्याओं से निपट जाए।
महापौर ने कहा कि हमने समीक्षा बैठक बुलाई और दलगत राजनीति से ऊपर उठकर चर्चा की। जिन क्षेत्रों में अमृत मिशन योजना के तहत पाइपलाइन बिछी वह पानी की समस्या नही थी, लेकिन कुछ क्षेत्र में पानी की समस्या है, सभी वार्डो के पार्षद निगम अधिकारी और जल जीवन मिशन के अधिकारी मौजूद थे। बहुत सी ऐसी जगह है, जहां काम चल रहे हैं और कुछ वार्डों में काम नहीं हुए हैं। ऐसी जगह को चिन्हांकित किया गया है। उन्हें 10 दिन का समय दिया गया है कि कार्यों को जल्द से जल्द पूरा करें नहीं तो ठेकेदार और संबंधित अधिकारी पर कार्रवाई की जाएगी।










