रायपुर, 18 नवम्बर 2024/ छत्तीसगढ़ को बाघ संरक्षण के क्षेत्र में बड़ी सफलता मिली है। राज्य में ‘गुरु घासीदास-तमोर पिंगला टाइगर रिजर्व’ देश का 56वां टाइगर रिजर्व बन गया है। मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने इस महत्वपूर्ण घोषणा के लिए प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी और केंद्रीय वन मंत्री भूपेंद्र यादव के प्रति आभार व्यक्त किया है। इस टाइगर रिजर्व का कुल क्षेत्रफल 2829.387 वर्ग किलोमीटर है, जिसमें 1254.586 वर्ग किलोमीटर आरक्षित वन, 1438.451 वर्ग किलोमीटर संरक्षित वन और 136.35 वर्ग किलोमीटर राजस्व क्षेत्र शामिल हैं।
गुरु घासीदास-तमोर पिंगला को 56वें टाइगर रिजर्व: मनेंद्रगढ़-चिरमिरी-भरतपुर, कोरिया, सूरजपुर और बलरामपुर जिलों में इस टाइगर रिजर्व को अधिसूचित किया।
केंद्रीय पर्यावरण, वन एवं जलवायु परिवर्तन मंत्री भूपेंद्र यादव ने गुरु घासीदास-तमोर पिंगला को 56वें टाइगर रिजर्व के रूप में अधिसूचित करने की घोषणा की। उन्होंने कहा कि भारत बाघ संरक्षण के क्षेत्र में निरंतर नए मील के पत्थर स्थापित कर रहा है। यह टाइगर रिजर्व 2829 वर्ग किलोमीटर के क्षेत्र में फैला है।
छत्तीसगढ़ सरकार ने राष्ट्रीय बाघ संरक्षण प्राधिकरण (एनटीसीए) की सलाह पर मनेंद्रगढ़-चिरमिरी-भरतपुर, कोरिया, सूरजपुर और बलरामपुर जिलों में इस टाइगर रिजर्व को अधिसूचित किया। इसमें 2049.2 वर्ग किलोमीटर का कोर टाइगर हैबिटेट है, जिसमें गुरु घासीदास राष्ट्रीय उद्यान और तमोर पिंगला वन्यजीव अभयारण्य शामिल हैं। इसके बफर क्षेत्र का आकार 780.15 वर्ग किलोमीटर है। यह नागार्जुनसागर-श्रीशैलम और मानस टाइगर रिजर्व के बाद देश का तीसरा सबसे बड़ा टाइगर रिजर्व बन गया है।
नव अधिसूचित यह बाघ अभयारण्य मध्य प्रदेश के संजय दुबरी बाघ अभयारण्य से सटा हुआ है, जिससे लगभग 4500 वर्ग किलोमीटर का परिदृश्य परिसर बनता है। यह पश्चिम में बांधवगढ़ और पूर्व में झारखंड के पलामू बाघ अभयारण्य से भी जुड़ा है। राष्ट्रीय बाघ संरक्षण प्राधिकरण ने अक्टूबर 2021 में इसे अंतिम मंजूरी दी थी।
यह बाघ अभयारण्य छोटा नागपुर और बघेलखंड पठार में स्थित है और घने जंगलों, नदियों, झरनों से समृद्ध है। इसमें 365 अकशेरुकी और 388 कशेरुकी सहित कुल 753 प्रजातियाँ पाई जाती हैं, जिनमें कई संकटग्रस्त प्रजातियाँ भी शामिल हैं।
इस नई अधिसूचना के बाद, छत्तीसगढ़ में अब कुल 4 टाइगर रिजर्व हो गए हैं, जिससे राज्य को राष्ट्रीय बाघ संरक्षण प्राधिकरण से तकनीकी और वित्तीय सहायता मिलती रहेगी।
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