Google Analytics Meta Pixel क्या आप जानते है भारत-पाकिस्तान के बीच कब-कब और क्यों हुआ युद्ध - Ekhabri.com

क्या आप जानते है भारत-पाकिस्तान के बीच कब-कब और क्यों हुआ युद्ध

भारत और पाकिस्तान के बीच 1947 में बंटवारे के बाद से तनाव और युद्धों का लंबा इतिहास रहा है। हाल ही में 22 अप्रैल 2025 को जम्मू-कश्मीर के पहलगाम में हुए आतंकी हमले, जिसमें 26 पर्यटक मारे गए, के जवाब में भारत ने ऑपरेशन सिंदूर (5-6 मई 2025) के तहत पाकिस्तान और पीओके में आतंकी ठिकानों पर बमबारी की। इस कार्रवाई ने एक बार फिर भारत-पाकिस्तान के बीच तनाव को सुर्खियों में ला दिया है। अब तक दोनों देशों के बीच चार बड़े युद्ध हो चुके हैं, जिनके केंद्र में ज्यादातर कश्मीर विवाद और सीमा तनाव रहे हैं। तो आइए, इन युद्धों की तारीखों, कारणों और परिणामों को विस्तार से जानते हैं।

 

 

 

भारत को 1947 में आजादी मिली और इसके साथ ही देश को विभाजन का दंश भी झेलना पड़ा। इस तरह भारत का विभाजित टुकड़ा पाकिस्तान कहलाया। इस तरह सैकड़ों वर्षों की गुलामी से मुक्ति पाने के बाद भी यह विभाजन दो देशों में बंट चुके लोगों के हिस्से में खुशी के बजाय दुख लाया, जिससे व्यापक हिंसा हुई और लाखों लोगों का विस्थापन हुआ। इन दुखों से भारत पूरी तरह उभर भी नहीं पाया था कि विश्व के नक्शे पर बने नए देश ने भारत पर कई बार वार किए।

 

 

इंडिया और पाकिस्तान के बीच पहली लड़ाई 22 अक्टूबर 1947 को हुई थी। दरअसल, सभी प्रिंसली स्टेट्स को तीन ऑप्शन दिए गए थे पहला कि वो इंडिया को अपना देश चुन लें, दूसरा पाकिस्तान और तीसरा था कि वे स्वतंत्र राज करे। अब जम्मू-कश्मीर के राजा दोनों देशों में से किसी में भी शामिल न होकर स्वतंत्र राज करना चाहते थे। हालांकि, भारी दबाव के कारण जम्मू और कश्मीर के शासक राजा हरि सिंह ने विलय के दस्तावेज़ पर हस्ताक्षर किए, जिसका मतलब था कि जम्मू और कश्मीर भारत का हिस्सा होगा। इससे पाकिस्तान का खून खौल गया और इसी बौखलाहट में उसे कश्मीर में अपनी सेना भेज दी, जिससे जंग का आगाज हुआ। पाकिस्तानी ट्राइबल सेनाओं ने कश्मीर पर हमला करके कई शहरों पर कब्ज़ा कर लिया। इसके बाद भारतीय सेना जंग के मैदान में उतरी और क्षेत्र पर नियंत्रण पाने के लिए लड़ाई लड़ी।

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बंटवारे के बाद से कश्मीर की स्थिति अनसुलझी रही है। ऐसे में इस लड़ाई की असल वजह भी जम्मू-कश्मीर के क्षेत्र पर विवाद होना था। भारत और पाकिस्तान दोनों ने इस इलाके पर अपना दावा किया, जिससे बॉर्डर पर हुई झड़पों के बाद तनाव ज्यादा बढ़ गया। पाकिस्तान ने स्थानीय विद्रोहियों का समर्थन किया, जिसके बाद यह झड़पें जंग में तब्दील हो गईं। लगभग 5 हफ्ते तक चली इस लड़ाई में आखिरकार भारतीय फौज ने पाकिस्तानी सेना को पीछे धकेल दिया और युद्ध ताशकंद समझौते के तहत यूएन द्वारा मध्यस्थता किए गए युद्ध विराम के साथ समाप्त हुआ। इसके बाद सीजफायर लाइन बनी, जो बाद में लाइन ऑफ कंट्रोल बन गई, लेकिन कश्मीर विवाद अनसुलझा रहा।

 

 

साल 1971 में भारत और पाकिस्तान के बीच हुई लड़ाई में दुनिया ने एक बार फिर भारत की सैन्य ताकत देखी। यह युद्ध पूर्वी पाकिस्तान में राजनीतिक और जातीय तनाव के कारण हुआ था। इसी जंग की बदौलत बांग्लादेश का निर्माण हुआ। पश्चिमी क्षेत्र में लोंगेवाला की लड़ाई एक महत्वपूर्ण लड़ाई थी, जहां भारतीय फौज ने पाकिस्तानी सेना को खदेड़ कर रख दिया था। इस संघर्ष के बाद कई सालों तक भारत-पाकिस्तान के संबंध खराब रहे।

 

 

भारत और पाकिस्तान के बीच मई से जुलाई 1999 तक जम्मू और कश्मीर के कारगिल क्षेत्र में युद्ध लड़ा गया, जो कारगिल वॉर के नाम से भी जाना जाता है. यह जंग तब शुरू हुई, जब पाकिस्तानी सैनिकों और आतंकवादियों ने भारत-नियंत्रित कारगिल में प्रवेश किया और एलओसी के साथ अहम रणनीतिक पॉइंट्स पर कब्ज़ा कर लिया। भारतीय सेना ने तुरंत जवाबी हमला किया और घुसपैठियों को खदेड़ने के लिए ऑपरेशन विजय शुरू किया। जुलाई 1999 में युद्ध विराम के बाद लड़ाई तो बंद हो गई, लेकिन दोनों मुल्कों के बीच तनाव जारी रहा।

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