बिलासपुर, 26 जनवरी 2026।छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री ने 77वें गणतंत्र दिवस के अवसर पर प्रदेशवासियों को संबोधित करते हुए विकास, सुशासन, सुरक्षा और सामाजिक समरसता को राज्य की प्राथमिक दिशा बताया। अपने संदेश में उन्होंने संविधान, लोकतांत्रिक मूल्यों और राष्ट्र निर्माण में जनभागीदारी के महत्व को रेखांकित किया।

मुख्यमंत्री ने कहा कि भारतीय संविधान समानता, स्वतंत्रता और अभिव्यक्ति के अधिकार की मजबूत नींव है, जो समाज को एकजुट रखता है। उन्होंने स्वतंत्रता संग्राम सेनानियों और संविधान निर्माताओं को स्मरण करते हुए कहा कि छत्तीसगढ़ ने लोकतांत्रिक परंपराओं को सुदृढ़ करने में उल्लेखनीय भूमिका निभाई है।
राज्य स्थापना की रजत जयंती का उल्लेख करते हुए मुख्यमंत्री ने विधानसभा के नए भवन, जनजातीय स्वतंत्रता संग्राम सेनानी संग्रहालय और वंदे मातरम् की 150वीं जयंती जैसे आयोजनों को सांस्कृतिक पहचान से जोड़ा। उन्होंने कहा कि यह प्रयास नई पीढ़ी को इतिहास और मूल्यों से जोड़ने का माध्यम बने हैं।
सुरक्षा के मुद्दे पर मुख्यमंत्री ने कहा कि माओवादी हिंसा के खिलाफ सुनियोजित रणनीति के तहत निर्णायक प्रगति हुई है और मार्च तक प्रदेश को नक्सल प्रभाव से मुक्त करने का लक्ष्य रखा गया है। उन्होंने बताया कि मुख्यधारा में लौटने वाले लोगों के लिए पुनर्वास, आवास और रोजगार की व्यवस्था की जा रही है।
कृषि क्षेत्र पर बोलते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि किसानों को बेहतर मूल्य, सिंचाई परियोजनाओं की पूर्ति और लागत घटाने वाले निर्णयों से राहत मिली है। पिछले दो वर्षों में किसान हितैषी योजनाओं के माध्यम से बड़ी राशि सीधे खातों में अंतरित की गई है, जिससे ग्रामीण अर्थव्यवस्था मजबूत हुई है।
महिला सशक्तीकरण, श्रमिक कल्याण और आवास योजनाओं का उल्लेख करते हुए मुख्यमंत्री ने बताया कि लाखों परिवारों को पक्का आवास, बिजली, पानी और सामाजिक सुरक्षा का लाभ मिला है। शिक्षा और स्वास्थ्य क्षेत्र में मेडिकल कॉलेज, स्मार्ट क्लास, आईटी आधारित निगरानी और हिंदी माध्यम में चिकित्सा शिक्षा जैसी पहलें की गई हैं।
औद्योगिक विकास और निवेश को लेकर मुख्यमंत्री ने कहा कि नई औद्योगिक नीति, सिंगल विंडो सिस्टम और अंतरराष्ट्रीय निवेश सम्मेलनों के जरिए राज्य को रोजगार और तकनीक का केंद्र बनाया जा रहा है। नवा रायपुर को आईटी, एआई और मेडिकल हब के रूप में विकसित किया जा रहा है।
पर्यटन, खेल और संस्कृति के क्षेत्र में हो रहे प्रयासों का जिक्र करते हुए उन्होंने कहा कि बस्तर जैसे क्षेत्रों में शांति लौटने के बाद विकास और पर्यटन को नई गति मिली है। खेल अधोसंरचना, जनजातीय खेल प्रतिभाओं और अंतरराष्ट्रीय आयोजनों पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है।
अपने संदेश के अंत में मुख्यमंत्री ने कहा कि जनभागीदारी, पारदर्शिता और संविधान के मूल्यों के साथ छत्तीसगढ़ को विकसित राज्य बनाने का संकल्प लिया गया है। उन्होंने सभी प्रदेशवासियों को गणतंत्र दिवस की शुभकामनाएं देते हुए लोकतंत्र को और मजबूत करने का आह्वान किया।









