रायपुर। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने कहा है कि युवाओं की ऊर्जा, प्रतिभा, रचनात्मकता और नवाचार की क्षमता ही विकसित भारत और विकसित छत्तीसगढ़ के निर्माण की सबसे बड़ी ताकत है। युवाओं को उनकी रुचि और क्षमता के अनुरूप अवसर देकर राष्ट्र निर्माण से जोड़ना जरूरी है। सामाजिक एवं सामुदायिक गतिविधियों में युवाओं की भागीदारी से उनमें नेतृत्व क्षमता, सेवा भावना और सामाजिक उत्तरदायित्व भी मजबूत होगा।
मुख्यमंत्री ने मंगलवार को मंत्रालय महानदी भवन में आयोजित ‘मेरा युवा भारत’ (माय भारत) की प्रदेश स्तरीय समीक्षा बैठक में यह बात कही। उन्होंने माय भारत की गतिविधियों की समीक्षा करते हुए प्रदेश के अधिक से अधिक युवाओं को इस मंच से जोड़ने और विभिन्न विभागों की गतिविधियों में उनकी सक्रिय भागीदारी सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।
## युवाओं को मिले सही दिशा और नेतृत्व के अवसर
मुख्यमंत्री ने कहा कि आज का युवा तकनीक और डिजिटल माध्यमों के जरिए पूरी दुनिया से जुड़ा है। उसकी सोच व्यापक है और वह तेजी से बदलती परिस्थितियों को अपनाने की क्षमता रखता है। ऐसे में युवाओं की ऊर्जा को सकारात्मक और राष्ट्रहित के कार्यों में लगाने के लिए उन्हें सही दिशा, अवसर और मंच उपलब्ध कराना जरूरी है।
उन्होंने स्वास्थ्य, स्वच्छता, शिक्षा, खेल, पर्यावरण संरक्षण, सिविक सेंस, इतिहास, पर्यटन, कौशल विकास, कृषि, तकनीकी शिक्षा, आपदा प्रबंधन और सामाजिक कल्याण जैसे क्षेत्रों में युवाओं की भूमिका बढ़ाने पर जोर दिया।
मुख्यमंत्री ने ‘सशक्त युवा-सशक्त छत्तीसगढ़’ की भावना के अनुरूप ग्राम से राज्य स्तर तक मजबूत युवा नेटवर्क विकसित करने के निर्देश दिए। उन्होंने डिजिटल डिटॉक्स, सेवा भावना, सामाजिक जुड़ाव और सामुदायिक उत्तरदायित्व से जुड़ी गतिविधियों को भी प्रोत्साहित करने की बात कही।
# देश में 2.65 करोड़ से अधिक युवा माय भारत से जुड़े
बैठक में बताया गया कि ‘मेरा युवा भारत’ युवाओं को सरकार, समाज और राष्ट्र निर्माण की गतिविधियों से जोड़ने वाला डिजिटल एवं भौतिक मंच है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 31 अक्टूबर 2023 को इसकी शुरुआत की थी। वर्तमान में देशभर में 2.65 करोड़ से अधिक युवा माय भारत प्लेटफॉर्म पर पंजीकृत हैं, जबकि छत्तीसगढ़ में 6.60 लाख से अधिक युवा इससे जुड़ चुके हैं।
माय भारत को युवाओं और सरकार के बीच सिंगल विंडो डिजिटल प्लेटफॉर्म के रूप में विकसित किया जा रहा है। यहां स्वयंसेवा, अनुभव आधारित शिक्षण, कौशल, नेतृत्व और राष्ट्र निर्माण से जुड़ी गतिविधियों तथा अवसरों की जानकारी एक ही स्थान पर उपलब्ध कराई जा रही है। युवाओं की सुविधा के लिए माय भारत ऐप भी विकसित किया गया है।
# अनुभव आधारित कार्यक्रमों से युवाओं को मिल रहा अवसर
बैठक में बताया गया कि देशभर में 24,900 से अधिक ईएलपी (Experiential Learning Programmes) के माध्यम से 1.21 लाख युवाओं को शासन की विभिन्न गतिविधियों से जुड़ने और व्यावहारिक अनुभव हासिल करने का अवसर मिला है। छत्तीसगढ़ में 233 ईएलपी के माध्यम से 2,389 से अधिक युवा जुड़े हैं।
देशभर में 1.53 लाख से अधिक स्वयंसेवा अवसरों के जरिए 10 लाख से अधिक युवाओं को सेवा गतिविधियों से जोड़ा गया है। छत्तीसगढ़ में 5,778 वालंटियर अवसरों के माध्यम से 23,900 से अधिक युवाओं ने विभिन्न गतिविधियों में भाग लिया है।
केंद्र सरकार की योजनाओं और कार्यक्रमों के प्रति जागरूकता बढ़ाने के लिए क्विज मॉड्यूल के जरिए भी देशभर में 65 लाख से अधिक युवाओं को जोड़ा गया है।
# गांव से राज्य स्तर तक बनेगा मजबूत युवा नेटवर्क
बैठक में बताया गया कि माय भारत की संगठनात्मक संरचना में मुख्यालय के साथ 36 राज्यों एवं केंद्र शासित प्रदेशों में कार्यालय, जिला कार्यालय, युवा क्लब और माय भारत स्वयंसेवकों की व्यवस्था है। इस नेटवर्क के माध्यम से ग्राम स्तर से राज्य स्तर तक युवाओं को विभिन्न गतिविधियों और अवसरों से जोड़ा जा रहा है।
मुख्यमंत्री ने युवाओं को गैर-राजनीतिक सामाजिक एवं रचनात्मक गतिविधियों से जोड़ने पर विशेष जोर दिया। उन्होंने कहा कि युवाओं की रुचि और प्रतिभा की पहचान कर उन्हें ऐसे अवसर दिए जाएं, जिससे व्यक्तित्व विकास के साथ नेतृत्व क्षमता और सामाजिक जिम्मेदारी की भावना मजबूत हो।
# ‘विकसित छत्तीसगढ़ यंग लीडर्स डायलॉग’ पर जोर
मुख्यमंत्री ने विकसित भारत यंग लीडर्स डायलॉग को युवाओं में नेतृत्व क्षमता विकसित करने की महत्वपूर्ण पहल बताया। बैठक में जानकारी दी गई कि वर्ष 2025 में इस कार्यक्रम में 30 लाख से अधिक प्रतिभागियों ने हिस्सा लिया। युवा नेतृत्व के चयन के लिए बहुस्तरीय, पारदर्शी और योग्यता आधारित प्रक्रिया अपनाई गई।
छत्तीसगढ़ में ‘विकसित छत्तीसगढ़ यंग लीडर्स डायलॉग’ आयोजित करने पर भी चर्चा हुई। इसके जरिए खेल, स्वास्थ्य, पंचायत एवं ग्रामीण विकास, तकनीकी शिक्षा एवं कौशल विकास, समाज कल्याण, नगरीय प्रशासन, आपदा प्रबंधन, पर्यटन और कृषि सहित विभिन्न क्षेत्रों में युवाओं की भागीदारी बढ़ाने पर जोर दिया जाएगा।
विकसित भारत यूथ पार्लियामेंट, विकसित वाइब्रेंट विलेज प्रोग्राम, विकसित भारत युवा कनेक्ट, यूथ आइकन, विकसित भारत पदयात्रा, सरदार@150 पदयात्रा और ‘नशामुक्त युवा फॉर विकसित भारत’ जैसी गतिविधियों के जरिए भी युवाओं को राष्ट्र निर्माण और नेतृत्व से जोड़ने की जानकारी दी गई।
## बस्तर के युवाओं को मिलेंगे नए अवसर
मुख्यमंत्री ने बस्तर के युवाओं को माय भारत की गतिविधियों से व्यापक स्तर पर जोड़ने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि बस्तर हिंसा और भय के दौर को पीछे छोड़कर शांति, विश्वास और विकास की नई दिशा में आगे बढ़ रहा है। ऐसे समय में यहां के युवाओं को राष्ट्र निर्माण की गतिविधियों से जोड़ना बेहद महत्वपूर्ण है।
उन्होंने कहा कि लंबे समय तक परिस्थितियों के कारण विकास की मुख्यधारा से दूर रहे युवाओं के लिए अब नए अवसर खुल रहे हैं। माय भारत से जुड़ने से बस्तर के युवाओं का आत्मविश्वास बढ़ेगा और उनकी प्रतिभा को अपनी क्षमता के अनुरूप आगे बढ़ने का मंच मिलेगा।
मुख्यमंत्री ने कहा कि बस्तर ओलंपिक और बस्तर पंडुम जैसे आयोजनों ने बड़ी संख्या में युवाओं को खेल, कला और संस्कृति में अपनी प्रतिभा दिखाने का अवसर दिया है। इसी तरह माय भारत के माध्यम से भी बस्तर के युवाओं को विभिन्न क्षेत्रों में नेतृत्व और विकास के अवसर उपलब्ध कराए जाएं।
उन्होंने कहा कि बस्तर के युवाओं की प्रतिभा और सामर्थ्य को उचित अवसर देकर उन्हें छत्तीसगढ़ और देश के विकास का सक्रिय भागीदार बनाना सरकार की प्राथमिकता है।
बैठक के दौरान माय भारत की वालंटियर अदिति द्वारा तैयार ट्राइबल आर्ट का छायाचित्र मुख्यमंत्री को भेंट किया गया। मुख्यमंत्री ने उनकी रचनात्मक प्रतिभा की सराहना की।
बैठक में उप मुख्यमंत्री अरुण साव, मुख्य सचिव विकासशील, मुख्यमंत्री के प्रमुख सचिव सुबोध कुमार सिंह, मुख्यमंत्री के सचिव राहुल भगत, खेल एवं युवा कल्याण विभाग के सचिव यशवंत कुमार, संचालक तनुजा सलाम, माय भारत की सीईओ डॉ. प्रियंका शुक्ला, मुख्यमंत्री के विशेष सचिव रजत बंसल सहित माय भारत के राज्य एवं जिला स्तर के अधिकारी उपस्थित रहे।










