रायपुर। छत्तीसगढ़ में प्रधानमंत्री स्ट्रीट वेंडर्स आत्मनिर्भर निधि यानी पीएम स्वनिधि योजना को लेकर राज्य सरकार ने बड़ा एक्शन-प्लान तैयार करने की दिशा में कदम बढ़ाया है। राज्य शासन का लक्ष्य भारत सरकार द्वारा निर्धारित पीएम स्वनिधि के लक्ष्यों को तय समय-सीमा से दो साल पहले पूरा करना है। इसके लिए प्रदेश के सभी नगरीय निकायों को विशेष कार्ययोजना बनाकर प्रभावी तरीके से लागू करने के निर्देश दिए गए हैं।
नगरीय प्रशासन एवं विकास विभाग के प्रमुख सचिव सोनमणि बोरा की अध्यक्षता में पीएम स्वनिधि की राज्य स्तरीय निगरानी समिति की बैठक आयोजित हुई। बैठक में योजना के तहत ऋण वितरण, लंबित प्रकरणों, डिजिटल लेन-देन, क्यूआर कोड वितरण और पथ विक्रेताओं के डिजिटल सशक्तीकरण सहित विभिन्न बिंदुओं की समीक्षा की गई।
बैठक में सोनमणि बोरा ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि कोई भी पात्र पथ विक्रेता पीएम स्वनिधि योजना के लाभ से वंचित नहीं रहना चाहिए। उन्होंने नगरीय निकायों और बैंकों के बीच बेहतर समन्वय स्थापित कर लंबित ऋण प्रकरणों का तत्काल निराकरण करने पर जोर दिया। प्रथम, द्वितीय और तृतीय चरण के ऋण वितरण की निकायवार और बैंकवार समीक्षा करते हुए लंबित आवेदनों के शीघ्र निराकरण के निर्देश राज्य स्तरीय बैंकर्स समिति को दिए गए।
प्रमुख सचिव ने सभी नगरीय निकायों को भारत सरकार द्वारा निर्धारित लक्ष्य तय समय-सीमा से दो वर्ष पहले हासिल करने के लिए विशेष एक्शन-प्लान तैयार करने को कहा। उन्होंने अधिक से अधिक पात्र पथ विक्रेताओं को योजना से जोड़ने के साथ ही ऋण वितरण की प्रक्रिया में तेजी लाने के निर्देश दिए।
बैठक में पथ विक्रेताओं के डिजिटल सशक्तीकरण पर भी विशेष जोर दिया गया। क्यूआर कोड वितरण, यूपीआई के माध्यम से डिजिटल लेन-देन और डिजिटल भुगतान पर मिलने वाले कैशबैक प्रोत्साहन की समीक्षा की गई। अधिकारियों को डिजिटल लेन-देन को बढ़ावा देने और अधिक से अधिक स्ट्रीट वेंडर्स को डिजिटल प्रणाली से जोड़ने के निर्देश दिए गए।
पीएम स्वनिधि योजना को जमीनी स्तर पर प्रभावी बनाने के लिए राज्य और नगरीय निकाय स्तर पर आवश्यक मानव संसाधन की नियुक्ति को भी मंजूरी दी गई। इसके अलावा बैठक में क्रेडिट कार्ड योजना की प्रगति, प्रदेश में स्वच्छ एवं हाइजीनिक स्ट्रीट फूड हब की स्थापना और पथ विक्रेताओं द्वारा ऋण अदायगी की स्थिति की भी समीक्षा की गई। भारत सरकार को भेजे गए विभिन्न प्रस्तावों पर कार्योत्तर स्वीकृति भी प्रदान की गई।
सोनमणि बोरा ने नगरीय निकायों को पथ विक्रेताओं के साथ नियमित संवाद कार्यक्रम आयोजित करने के निर्देश दिए। इसके साथ ही जिला स्तर पर बैंकर्स कार्यशालाएं आयोजित करने को कहा गया, ताकि पथ विक्रेताओं को पीएम स्वनिधि योजना, ऋण प्रक्रिया और डिजिटल लेन-देन से संबंधित जानकारी आसानी से मिल सके।
बैठक में बैंकों के साथ बेहतर समन्वय स्थापित कर लंबित ऋण प्रकरणों का तेजी से निराकरण करने पर भी चर्चा हुई। योजना के क्रियान्वयन में बेहतर प्रदर्शन करने वाले बैंकों और बैंक शाखाओं को सम्मानित करने का निर्णय लिया गया।
बैठक में राज्य शहरी विकास अभिकरण (SUDA) के मुख्य कार्यपालन अधिकारी सुमीत अग्रवाल, वित्त विभाग के उप सचिव ए.के. सिंग, SUDA के उप मुख्य कार्यपालन अधिकारी सुनील अग्रहरि, भारतीय रिजर्व बैंक के उप महाप्रबंधक प्रदीप गोंदुले, सिडबी के उप महाप्रबंधक संतोष राव मोरे, राज्य स्तरीय बैंकर्स समिति के प्रतिनिधि उप महाप्रबंधक मनोज सिंह सहित विभिन्न नगर निगमों के आयुक्त, अधिकारी और योजना के निकाय स्तरीय नोडल अधिकारी उपस्थित रहे।










