रायगढ़। स्वच्छता ही सेवा अभियान के तहत मिलूपारा के मिडिल और हाई स्कूल में विद्यार्थियों ने अपनी रचनात्मक प्रतिभा के जरिए स्वच्छता और पर्यावरण संरक्षण का संदेश दिया। अदाणी फाउंडेशन की ओर से आयोजित विभिन्न प्रतियोगिताओं में करीब 130 छात्र-छात्राओं ने उत्साहपूर्वक हिस्सा लिया। पोस्टर पेंटिंग, स्लोगन लेखन और खास तौर पर कबाड़ से जुगाड़ प्रतियोगिता के माध्यम से विद्यार्थियों ने स्वच्छ जीवनशैली और पर्यावरण संरक्षण को लेकर जागरूकता का संदेश दिया।
प्रतियोगिताओं से पहले विद्यार्थियों को आवश्यक मार्गदर्शन भी दिया गया। इसके बाद बच्चों ने बेकार पड़ी वस्तुओं का रचनात्मक उपयोग करते हुए आकर्षक और संदेशपरक मॉडल तैयार किए। कबाड़ से तैयार किए गए इन मॉडलों ने न केवल विद्यार्थियों की कल्पनाशीलता दिखाई, बल्कि लोगों को संसाधनों के पुन: उपयोग और पर्यावरण संरक्षण के प्रति भी जागरूक किया।

कार्यक्रम में ग्राम पंचायत के सरपंच उद्धव भगत और उपसरपंच सीताराम चौधरी मौजूद रहे। विद्यालय की प्राचार्या इलिसबा लकड़ा सहित शिक्षक वासुदेव प्रधान, जयराम सिदार, मीना पटेल, बलदेव राठिया, प्रतिभा यादव, ललिता भोई, चंपावती सिदार और कौशिल्या सिदार ने विद्यार्थियों का उत्साह बढ़ाया। अदाणी समूह की ओर से साइट हेड, पर्यावरण विभाग के प्रमुख और सीएसआर टीम के प्रतिनिधि भी कार्यक्रम में शामिल हुए।
इस दौरान विद्यार्थियों को स्वच्छता को दैनिक जीवन का हिस्सा बनाने और अपने परिवार व समाज में जागरूकता फैलाने के लिए प्रेरित किया गया। कार्यक्रम में वक्ताओं ने कहा कि स्वच्छता केवल किसी एक व्यक्ति या संस्था की जिम्मेदारी नहीं है, बल्कि इसमें समाज के प्रत्येक व्यक्ति की भागीदारी जरूरी है।
प्रतियोगिताओं में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले विद्यार्थियों को कार्यक्रम के अंत में सम्मानित किया गया। कबाड़ से जुगाड़ प्रतियोगिता में कक्षा दसवीं की मीनू गुप्ता ने प्रथम, किन्जल लहरे ने द्वितीय और रीमा गुप्ता ने तृतीय स्थान हासिल किया। स्लोगन लेखन प्रतियोगिता में कक्षा आठवीं की रीमा गुप्ता प्रथम, सुमन कलंगा द्वितीय और सविता प्रजापति तृतीय स्थान पर रहीं।
पोस्टर पेंटिंग प्रतियोगिता में कक्षा आठवीं की सोहद्रा प्रधान ने प्रथम स्थान प्राप्त किया। अंजू सिदार दूसरे और पिंकी राठिया तीसरे स्थान पर रहीं। विजेता विद्यार्थियों को उनकी रचनात्मकता और बेहतर प्रदर्शन के लिए पुरस्कृत किया गया।
आयोजन को सफल बनाने के लिए अदाणी फाउंडेशन की ओर से सभी प्रतिभागियों को ड्रॉइंग पेपर, कलर पेंसिल, रबर और कटर सहित आवश्यक सामग्री उपलब्ध कराई गई। साइट हेड ने विद्यार्थियों की रचनात्मकता की सराहना करते हुए कहा कि स्वच्छता एक सामाजिक जिम्मेदारी है और बच्चे अपने परिवार तथा समाज तक सकारात्मक संदेश पहुंचाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकते हैं।
विद्यालय की प्राचार्या इलिसबा लकड़ा ने भी इस पहल की सराहना की। उन्होंने कहा कि इस तरह की गतिविधियों से विद्यार्थियों में सामाजिक सरोकारों के प्रति व्यावहारिक समझ विकसित होती है और वे पर्यावरण संरक्षण तथा स्वच्छता जैसे महत्वपूर्ण विषयों को बेहतर तरीके से समझ पाते हैं।
अदाणी फाउंडेशन के प्रतिनिधियों के अनुसार, विद्यार्थियों को केंद्र में रखकर स्वच्छता और पर्यावरण संरक्षण से जुड़े कार्यक्रम आयोजित करने से समुदाय स्तर पर जागरूकता को बढ़ावा मिलता है। एक जागरूक विद्यार्थी अपने परिवार और आसपास के लोगों तक स्वच्छता का संदेश पहुंचाकर व्यापक सामाजिक बदलाव का माध्यम बन सकता है। इसी उद्देश्य से अदाणी फाउंडेशन की ओर से समय-समय पर जनहित और जागरूकता से जुड़े विभिन्न कार्यक्रम आयोजित किए जाते हैं।










