सुप्रीम कोर्ट ने आईटीसी मौर्य होटल के सैलून में खराब हेयरकट के मामले में मुआवजा राशि में बड़ी कटौती कर दी है। शीर्ष अदालत ने राष्ट्रीय उपभोक्ता विवाद निवारण आयोग (NCDRC) द्वारा दिए गए 2 करोड़ रुपये के मुआवजे को घटाकर 25 लाख रुपये कर दिया। यह मामला मॉडल आशना रॉय से जुड़ा है, जिन्होंने आरोप लगाया था कि आईटीसी मौर्य होटल के सैलून में उनकी अनुमति के बिना उनके लंबे बाल काट दिए गए, जिससे उनके मॉडलिंग करियर को गंभीर नुकसान पहुंचा। उन्होंने इसे सेवा में लापरवाही बताते हुए उपभोक्ता मंच में शिकायत दर्ज कराई थी।
एनसीडीआरसी ने अपने पहले फैसले में होटल प्रबंधन को 2 करोड़ रुपये का मुआवजा देने का आदेश दिया था। आयोग ने माना था कि बिना सहमति बाल काटना सेवा में गंभीर कमी है और इससे याचिकाकर्ता को मानसिक पीड़ा और पेशेवर नुकसान हुआ। हालांकि, सुप्रीम कोर्ट ने सुनवाई के दौरान कहा कि उपभोक्ता को मुआवजा मिलना चाहिए, लेकिन निर्धारित राशि अत्यधिक है। अदालत ने मुआवजे को संतुलित और युक्तिसंगत बताते हुए इसे घटाकर 25 लाख रुपये कर दिया।
अदालत ने यह भी स्पष्ट किया कि सेवा प्रदाताओं की जिम्मेदारी तय है और ग्राहकों की स्पष्ट सहमति के बिना इस तरह की कार्रवाई स्वीकार्य नहीं है। यह फैसला उपभोक्ता अधिकारों और क्षतिपूर्ति निर्धारण के मानकों के संदर्भ में महत्वपूर्ण माना जा रहा है।










