नई दिल्ली, 7 अप्रैल 2026। छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से मुलाकात कर बस्तर क्षेत्र के समग्र विकास के लिए विस्तृत ब्लूप्रिंट प्रस्तुत किया। इस दौरान मुख्यमंत्री ने प्रधानमंत्री को मानसून के बाद बस्तर दौरे का आमंत्रण भी दिया, जहां कई बड़ी परियोजनाओं के शिलान्यास और लोकार्पण की योजना है।
बस्तर विकास का 360 डिग्री प्लान तैयार
मुख्यमंत्री ने बताया कि बस्तर में अब नक्सलवाद समाप्त हो चुका है और क्षेत्र में शांति स्थापित है। इसी के आधार पर सरकार ने टूरिज्म, स्टार्टअप, इंफ्रास्ट्रक्चर और इनोवेशन पर केंद्रित व्यापक विकास योजना तैयार की है। इस योजना के तहत शिक्षा और स्वास्थ्य सुविधाओं को मजबूत करने के लिए एजुकेशन सिटी, सुपर स्पेशलिटी अस्पताल और मेडिकल कॉलेज स्थापित किए जा रहे हैं।
कनेक्टिविटी और इंफ्रास्ट्रक्चर पर जोर
इंद्रावती नदी पर बैराज निर्माण, नई रेल लाइन और एयरपोर्ट विस्तार जैसे प्रोजेक्ट्स से बस्तर की कनेक्टिविटी को मजबूत किया जाएगा। प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना के तहत अधूरे कार्यों को 2027 तक पूरा करने का लक्ष्य रखा गया है। इसके साथ ही 228 नई सड़कों और 267 पुलों के निर्माण का प्रस्ताव भी रखा गया है।
ऊर्जा, शिक्षा और खेल सुविधाओं का विस्तार
हर घर तक बिजली पहुंचाने के लिए कार्य तेज किए जाएंगे। शिक्षा के क्षेत्र में 45 पोटा केबिन स्कूलों को स्थायी भवनों में बदला जाएगा। युवाओं के लिए 15 स्टेडियम और 2 मल्टीपर्पज हॉल का निर्माण प्रस्तावित है। स्वास्थ्य सेवाओं के विस्तार के लिए प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों को मजबूत करने के साथ डॉक्टरों के लिए ट्रांजिट हॉस्टल बनाए जाएंगे।
कृषि और सिंचाई को मिलेगा बढ़ावा
इंद्रावती नदी पर देउरगांव और मटनार में स्वीकृत दो प्रमुख सिंचाई परियोजनाओं से लगभग 31,840 हेक्टेयर भूमि को लाभ मिलेगा। इससे बस्तर की कृषि अर्थव्यवस्था को मजबूती मिलने की उम्मीद है।
आय बढ़ाने का लक्ष्य और योजनाओं का विस्तार
सरकार ने 2029 तक 85 प्रतिशत परिवारों की मासिक आय 15,000 रुपये से बढ़ाकर 30,000 रुपये करने का लक्ष्य रखा है। ‘नियद नेल्ला नार 2.0’ योजना का विस्तार नए जिलों तक किया जा रहा है, जिससे विकास का लाभ अधिक लोगों तक पहुंचे।
स्टार्टअप और पर्यटन को मिलेगा बढ़ावा
‘अंजोर विजन 2047’ और ‘विकसित भारत 2047’ के तहत स्टार्टअप नीति लागू की गई है, जिसमें 2030 तक 5,000 स्टार्टअप तैयार करने का लक्ष्य है। पर्यटन क्षेत्र में चित्रकोट जलप्रपात, तीरथगढ़ जलप्रपात और कांगेर घाटी राष्ट्रीय उद्यान को वैश्विक पहचान दिलाने के प्रयास किए जा रहे हैं। एडवेंचर टूरिज्म, कैनोपी वॉक और ग्लास ब्रिज जैसी परियोजनाएं भी विकसित की जा रही हैं।
पीएम दौरे में बड़े प्रोजेक्ट्स का शिलान्यास प्रस्तावित
प्रधानमंत्री के प्रस्तावित बस्तर दौरे के दौरान रावघाट-जगदलपुर रेल लाइन, जगदलपुर एयरपोर्ट विस्तार, सुपर स्पेशलिटी अस्पताल और दंतेवाड़ा मेडिकल कॉलेज जैसी महत्वपूर्ण परियोजनाओं के शिलान्यास और लोकार्पण की योजना है। इन परियोजनाओं से क्षेत्र में शिक्षा, स्वास्थ्य और कनेक्टिविटी को नई दिशा मिलने की उम्मीद है।










