Google Analytics Meta Pixel बस्तर बाढ़ पर मुख्यमंत्री साय का बड़ा ऐलान, प्रभावित परिवारों को 10 हजार - Ekhabri.com

बस्तर बाढ़ पर मुख्यमंत्री साय का बड़ा ऐलान, प्रभावित परिवारों को 10 हजार

रायपुर। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने सोमवार को बस्तर जिले के बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों का दौरा कर जमीनी हालात का जायजा लिया। मुख्यमंत्री जगदलपुर नगर निगम क्षेत्र के डोंगाघाट पहुंचे और बाढ़ प्रभावित परिवारों से मुलाकात कर उनकी समस्याएं सुनीं। उन्होंने प्रभावित लोगों को भरोसा दिलाया कि प्राकृतिक आपदा की इस घड़ी में राज्य सरकार पूरी संवेदनशीलता और तत्परता के साथ उनके साथ खड़ी है।

 

मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने बाढ़ प्रभावित परिवारों के लिए बड़ी राहत की घोषणा की। शासन के प्रावधानों के तहत मिलने वाली सहायता के अतिरिक्त प्रत्येक प्रभावित परिवार को मुख्यमंत्री राहत कोष से 10-10 हजार रुपये की सहायता राशि दी जाएगी। मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को बाढ़ से हुई क्षति का सर्वे और आकलन तेजी से पूरा कर पात्र परिवारों तक सहायता राशि जल्द पहुंचाने के निर्देश दिए।

 

डोंगाघाट में मुख्यमंत्री ने प्रभावित परिवारों से बाढ़ के दौरान उत्पन्न परिस्थितियों, मकानों और घरेलू सामान को हुए नुकसान तथा उन्हें मिल रही राहत के बारे में जानकारी ली। उन्होंने कहा कि प्रभावित परिवारों की जरूरतों को ध्यान में रखते हुए हर आवश्यक सहायता उपलब्ध कराई जाएगी।

मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि राहत एवं बचाव कार्यों में किसी भी तरह की लापरवाही नहीं होनी चाहिए। प्रभावित लोगों तक भोजन, स्वच्छ पेयजल, दवाइयां और अन्य आवश्यक सामग्री समय पर पहुंचाई जाए। बच्चों, बुजुर्गों, महिलाओं और अन्य जरूरतमंद लोगों की आवश्यकताओं को प्राथमिकता देते हुए राहत व्यवस्था सुनिश्चित करने के निर्देश भी दिए गए।

 

इंद्रावती नदी के जलस्तर और बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों का लिया जायजा

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मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने इंद्रावती पुल पहुंचकर नदी के जलस्तर और आसपास के बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों का अवलोकन किया। उन्होंने अधिकारियों से जिले में बारिश और बाढ़ की स्थिति, प्रभावित गांवों एवं शहरी क्षेत्रों, राहत-बचाव कार्यों तथा प्रभावित परिवारों के लिए की गई व्यवस्थाओं की जानकारी ली।

 

मुख्यमंत्री ने कहा कि नदी के जलस्तर और मौसम की स्थिति पर लगातार निगरानी रखी जाए। निचले और संवेदनशील क्षेत्रों में विशेष सतर्कता बरती जाए तथा जरूरत पड़ने पर राहत एवं बचाव दलों को तत्काल सक्रिय किया जाए। उन्होंने कहा कि लोगों की सुरक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता है और किसी भी आपात स्थिति से निपटने के लिए प्रशासन पूरी तरह तैयार रहे।

 

बाढ़ का पानी उतरने के बाद स्वास्थ्य और स्वच्छता पर जोर

 

मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को बाढ़ का पानी कम होने के बाद प्रभावित क्षेत्रों में स्वास्थ्य और स्वच्छता व्यवस्था पर विशेष ध्यान देने के निर्देश दिए। उन्होंने प्रभावित लोगों को शुद्ध पेयजल उपलब्ध कराने के साथ जलस्रोतों की सफाई और आवश्यक उपचार सुनिश्चित करने को कहा।

 

जलजनित बीमारियों की रोकथाम के लिए स्वास्थ्य विभाग की टीमों को सक्रिय रखने, आवश्यकता के अनुसार स्वास्थ्य शिविर लगाने और पर्याप्त मात्रा में दवाइयां उपलब्ध रखने के निर्देश दिए गए। मुख्यमंत्री ने कहा कि राहत कार्य केवल बाढ़ का पानी उतरने तक सीमित नहीं रहना चाहिए, बल्कि प्रभावित परिवारों का जीवन सामान्य होने तक जरूरी व्यवस्थाएं जारी रहनी चाहिए।

 

मकान, फसल और पशुधन के नुकसान का जल्द होगा आकलन

 

मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने अधिकारियों को बाढ़ से क्षतिग्रस्त मकानों, फसलों, पशुधन और अन्य संपत्तियों का संवेदनशीलता एवं पारदर्शिता के साथ सर्वे करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि नुकसान का वास्तविक आकलन कर प्रभावित परिवारों को शासन के प्रावधानों के अनुसार जल्द सहायता उपलब्ध कराई जाए। कोई भी पात्र परिवार सरकारी सहायता से वंचित नहीं रहना चाहिए।

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उन्होंने अधिकारियों से राहत शिविरों और प्रभावित बस्तियों में नियमित रूप से पहुंचकर लोगों की जरूरतों की जानकारी लेने को कहा। मुख्यमंत्री ने राहत कार्यों में मानवीय संवेदनशीलता को सर्वोच्च प्राथमिकता देने और प्रत्येक प्रभावित व्यक्ति तक समय पर आवश्यक मदद पहुंचाने के निर्देश दिए।

 

प्राकृतिक आपदा में हर प्रभावित परिवार के साथ सरकार

 

मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने कहा कि प्राकृतिक आपदा की इस कठिन घड़ी में राज्य सरकार बाढ़ प्रभावित परिवारों के साथ मजबूती से खड़ी है। प्रभावित लोगों की सुरक्षा, राहत और उनके जीवन को जल्द सामान्य बनाना सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता है। उन्होंने कहा कि राहत एवं बचाव कार्यों के लिए आवश्यक संसाधनों की कोई कमी नहीं होने दी जाएगी।

 

मुख्यमंत्री के निर्देशों के बाद बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में राहत एवं बचाव कार्य जारी हैं। प्रभावित परिवारों की जरूरत के अनुसार भोजन, पेयजल, स्वास्थ्य सुविधाएं और अन्य आवश्यक सहायता उपलब्ध कराई जा रही है। प्रशासन की ओर से स्थिति पर लगातार नजर रखी जा रही है और जरूरत के अनुसार तत्काल कदम उठाए जा रहे हैं।

 

दौरे के दौरान महापौर संजय पाण्डेय, नगर निगम सभापति खेमसिंह देवांगन, कमलचंद्र भंजदेव सहित अन्य जनप्रतिनिधि मौजूद रहे। इसके अलावा कमिश्नर बस्तर डोमन सिंह, आईजी बी.एन. मीणा, कलेक्टर आकाश छिकारा, पुलिस अधीक्षक शलभ सिन्हा सहित संबंधित विभागों के अधिकारी भी उपस्थित थे।

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