महासमुंद। छत्तीसगढ़ के महासमुंद जिले से पुलिस विभाग का एक रिश्वत लेने का मामला सामने आया है। जिले के सांकरा थाने में पदस्थ एक आरक्षक (कॉन्स्टेबल) द्वारा सरेआम रिश्वतखोरी किए जाने का एक कथित वीडियो इंटरनेट मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है। वीडियो के इंटरनेट पर आते ही पुलिस विभाग में हड़कंप मच गया है। मामले की गंभीरता और विभाग की छवि पर उठते सवालों को देखते हुए पुलिस प्रशासन ने त्वरित एक्शन लिया है और आरोपी आरक्षक को तत्काल प्रभाव से सस्पेंड करते हुए पुलिस लाइन अटैच कर दिया है। शिकायतकर्ता ने अपनी लिखित शिकायत में यह भी बताया कि जब उसने मुफ्त मिलने वाले दस्तावेजों के लिए पैसे देने में असमर्थता जताई, तो आरक्षक ने फोटोकॉपी के खर्च का बहाना बनाया। आरक्षक ने पीड़ित को खुलेआम धमकी दी थी कि यदि उसने पूरी रकम नहीं चुकाई तो उसका चालान कोर्ट में पेश नहीं किया जाएगा और उसे केस के नाम पर महीनों तक थाने के चक्कर काटने पर मजबूर कर दिया जाएगा। इस प्रताड़ना से तंग आकर पीड़ित ने चुपके से आरक्षक की इस करतूत का वीडियो बना लिया और उसे सोशल मीडिया पर डाल दिया। इस बारे में विभाग का कहना है कि इस प्रसारित वीडियो की तकनीकी व स्वतंत्र रूप से अभी पूरी पुष्टि होना बाकी है, लेकिन प्रथम दृष्टया साक्ष्य मिलने पर कार्यवाही की गई है।
महासमुंद पुलिस सूत्र के अनुसार सोशल मीडिया पर वायरल हुआ वीडियो उनके संज्ञान में आते ही प्रारंभिक जांच बिठा दी गई थी। जांच के शुरुआती चरण में आरक्षक अरुण प्रताप सिंह की संलिप्तता और लापरवाही उजागर होने पर अनुशासनात्मक कार्रवाई करते हुए उन्हें तत्काल सांकरा थाने से हटाकर पुलिस लाइन भेज दिया गया है। मामले की एक विस्तृत विभागीय जांच जारी है।










