सीमेंट उद्योग आधुनिक समाज का एक महत्वपूर्ण हिस्सा है और वैश्विक कार्बन उत्सर्जन में लगभग 7% का योगदान देता है। यूरोपीय संघ ने 2030 से 2050 तक जलवायु लक्ष्यों को हासिल करने के लिए सीमेंट इंडस्ट्री में बदलाव किए हैं, जिसमें प्रोडक्शन सिस्टम का डीकार्बोनाइजेशन एक मुख्य विकल्प है। कार्बन कैप्चर स्टोरेज और वैकल्पिक कैमिकल पर काम हो रहा है ताकि कम कार्बन उत्सर्जन हो। भारत में अदाणी पोर्ट्स और अंबुजा सीमेंट्स ने डीकार्बोनाइजेशन की दिशा में कदम बढ़ाते हुए अदाणी मुंद्रा क्लस्टर का गठन किया है, जो 2050 तक डीकार्बोनाइजेशन और ग्रीन हाइड्रोजन मैन्युफैक्चरिंग को बढ़ावा देगा।










