आपको मानवता में विश्वास नहीं खोना चाहिए। मानवता सागर के समान है; यदि सागर की कुछ बूँदें गन्दी हैं, तो पूरा सागर गंदा नहीं हो जाता। थोड़ी अच्छाई और बुराई सबमे होती है। हमें जीवन में आगे बढ़ने के लिए कभी कभी कुछ गलतियों को भी नजरअंदाज करना पड़ता है।
आप बुराई बस देखे तो ये नाइंसाफी होगी क्योकि दुनिया मे हर कोई न तो पूरा सही है और न ही पूरा गलत। नजरिया आप का तय करता है कि आप सामने वाले को किस ओर से देख रहे हैं, पहचान रहे हैं।










