यूक्रेन युद्ध के बीच भारत द्वारा मई में गेहूं के निर्यात पर रोक लगाने से सिंगापुर के भोजनालयों की स्थिति खराब हो गई है। खासकर वहां रह रहे पंजाबियों को रोटी के लिए अधिक कीमत चुकानी पड़ रही है। मीडिया रिपोर्ट में मंगलवार को बताया गया कि सिगापुर को उसी गुणवत्ता के गेहूं के आटे के आयात के लिए दूसरे देशों को तीन गुना अधिक कीमत चुकानी पड़ रही है।
सुपरमार्केट श्रृंखला फेयरप्राइज ने बताया कि पिछले कुछ हफ्तों में मांग बढ़ने से गेहूं के आटे की आपूर्ति काफी कम हो गई है। संभवत: यह भारत द्वारा गेहूं के निर्यात पर रोक के चलते हुई है। स्ट्रेट टाइम्स के अनुसार, यहां के बड़े भारतीय भोजनालयों में गिने जाने वाले श्ाकुंतला के एमडी माथवन आदि बालाकृष्णन कहते हैं कि गेहूं के आटे की कमी के चलते हमारे कारोबार पर असर पड़ रहा है। हम महंगाई का सारा भार अपने उपभोक्ताओं पर नहीं डाल सकते, कीमतें कम रखने का प्रयास करते हैं। रेस्टोरेंट जहां पहले प्रति किलो गेहूं के आटे के लिए 3.48 डालर चुकाते थे वहीं उन्हें दुबई से इसे मंगाने पर प्रति किलो 10.45 डालर चुकाना पड़ रहा है। संयुक्त राष्ट्र के आंकड़े के अनुसार, 2020 में सिगापुर ने कुल आयात का 5.8 प्रतिशत भारत से आयात किया।
बड़ी संख्या में भारतीयों के आने से सिगापुर में बढ़ा पर्यटन
एएनआइ के अनुसार, 30 सितंबर को एफ-1 ग्रांड प्रिक्स की शुरुआत से पहले सिगापुर में भीड़ जुटने से फिर से पर्यटन में बढ़ोतरी का संकेत है। ग्रांड प्रिक्स के 40 प्रतिशत दर्शकों में विदेशी होते हैं, कोई संदेह नहीं कि इसमें से अधिकतर भारत से होंगे। सिगापुर आने वालों में भारतीय दूसरे स्थान पर हैं। अगस्त तक 29.6 लाख मेहमान आ चुके हैं।










