इंडोनेशिया के नॉर्थ सुलावेसी प्रांत में अचानक हुई फ्लैश फ्लड और भूस्खलन ने जनजीवन बुरी तरह प्रभावित कर दिया। राष्ट्रीय आपदा शमन एजेंसी (बीएनपीबी) के अनुसार, इस आपदा में अब तक 16 लोगों की मौत हो चुकी है, जबकि कई लोग अब भी लापता हैं।
बीएनपीबी के मुताबिक, यह आपदा सोमवार तड़के करीब 2:30 बजे (स्थानीय समय) सिटारो आइलैंड्स रीजेंसी में लगातार घंटों तक हुई मूसलाधार बारिश के कारण आई। नदियों के उफान पर आने से अचानक बाढ़ और भूस्खलन की स्थिति उत्पन्न हुई, जिससे चार जिलों में भारी नुकसान हुआ। कुल 148 घर प्रभावित हुए हैं, जिनमें से सात घर पूरी तरह तबाह हो गए, 29 घरों को गंभीर नुकसान हुआ और 112 घर आंशिक रूप से क्षतिग्रस्त हुए। इसके अलावा पांच घर तेज बहाव में बह गए।
बीएनपीबी के डेटा और सूचना केंद्र के प्रमुख अब्दुल मुहारी ने बताया कि इस आपदा में 22 लोग घायल हुए हैं और उन्हें नजदीकी स्वास्थ्य केंद्रों में भर्ती कराया गया है। प्रभावित इलाकों से 682 लोग अस्थायी राहत शिविरों में सुरक्षित स्थानांतरित किए गए हैं। प्रारंभिक आंकड़ों के अनुसार, 35 परिवारों के कुल 108 लोग विस्थापित हुए हैं। स्थानीय प्रशासन, आपदा प्रबंधन टीमें और स्वयंसेवक राहत और बचाव कार्य में जुटे हुए हैं।
सोमवार दोपहर तक अधिकांश क्षेत्रों में बाढ़ का पानी उतर गया, लेकिन प्रभावित इलाकों में बिजली और दूरसंचार सेवाएं अब भी बाधित हैं। विशेषकर ईस्ट सियाउ और साउथ ईस्ट सियाउ उप-जिलों के बीच सड़क संपर्क पूरी तरह टूट चुका है।
मौसम विभाग ने आने वाले दिनों में भी भारी बारिश की चेतावनी जारी की है। इसे देखते हुए स्थानीय प्रशासन ने 5 जनवरी से 18 जनवरी तक आपातकालीन प्रतिक्रिया अवधि घोषित की है और लोगों से सतर्क रहने, सुरक्षित स्थानों पर रहने और प्रशासन द्वारा दिए गए निर्देशों का पालन करने की अपील की है।
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