हमारे कर्म ही हमारी पहचान बनाते है
हम जैसा करेगे और जितना अच्छा करेंगे उसका फल भी उतना ही मीठा और सुखदाई होगा। अच्छे कर्मों के साथ आगे बढ़ना हमारी सबसे बड़ी उपलब्धि है इससे ही हमें अपनी मंजिल तक पहुँचने की दिशा मिलती है।

इंसान को कभी अपने कर्तव्यों से मुंह नहीं मोड़ना चाहिए। उसका जीवन उसके कर्मों के आधार पर ही फल देगा, इसलिए कर्म करने में कभी हिचकना नहीं चाहिए, जीवन में स्थायित्व और निष्क्रियता शिथिलता प्रदान करती है।










