बिहार सरकार ने जनगणना 2027 की तैयारियों को लेकर शुक्रवार को एक महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की। मुख्य सचिव प्रत्यय अमृत की अध्यक्षता में हुई इस बैठक में राज्य स्तरीय जनगणना समन्वय समिति (SLCCC) के तहत सभी संबंधित विभागों को भारत के महारजिस्ट्रार एवं जनगणना आयुक्त कार्यालय, गृह मंत्रालय, और जनगणना कार्य निदेशालय बिहार के साथ समन्वय स्थापित कर जनगणना 2027 को समयबद्ध और सफलतापूर्वक पूरा करने के निर्देश दिए गए।
बैठक में शामिल विभाग और चर्चा के प्रमुख बिंदु बैठक में सामान्य प्रशासन, राजस्व एवं भूमि सुधार, शिक्षा, वित्त, योजना एवं विकास, समाज कल्याण, पंचायती राज, नगर विकास एवं आवास, ग्रामीण विकास, सूचना एवं जनसंपर्क, और सूचना प्रौद्योगिकी विभाग के प्रतिनिधियों के साथ-साथ सीतामढ़ी, नवादा, और सारण जिले के जिलाधिकारी भी शामिल थे। बैठक में जनगणना 2027 की रूपरेखा और अक्टूबर-नवंबर 2025 में होने वाले पूर्व-परीक्षण पर विस्तृत चर्चा हुई।
प्रमुख निर्णय और निर्देश –
प्रशासनिक इकाइयों की सीमा: बिहार के 534 ग्रामीण और 263 शहरी प्रशासनिक इकाइयों के क्षेत्राधिकार पर चर्चा हुई। जनगणना निदेशालय ने निर्देश दिए कि 31 दिसंबर 2025 से 31 मार्च 2027 तक प्रशासनिक सीमाओं में कोई परिवर्तन नहीं होगा।
दो चरणों में जनगणना: जनगणना 2027 दो चरणों में होगी। पहला चरण अप्रैल से सितंबर 2026 के बीच 30 दिनों में मकान सूचीकरण और मकानों की गणना के लिए होगा। दूसरा चरण 9 से 28 फरवरी 2027 तक वास्तविक गणना (Actual Enumeration) के लिए निर्धारित है, जिसमें चार्ज अधिकारी, पर्यवेक्षक, और प्रगणकों की नियुक्ति और प्रशिक्षण समय पर पूरा किया जाएगा।
पूर्ण डिजिटल जनगणना: पहली बार जनगणना 2027 पूरी तरह डिजिटल मोड में होगी। इसके लिए निम्नलिखित बिंदुओं पर चर्चा हुई: प्रशासनिक इकाइयों को पोर्टल के माध्यम से अपडेट करना। Census Management and Monitoring System (CMMS) पोर्टल के जरिए नियुक्ति पत्र, पहचान पत्र, और डिजिटल चार्ज रजिस्टर तैयार करना। हाउस लिस्टिंग ब्लॉक्स (HLBs) और डिजिटल लेआउट मैप (DLM) की तैयारी। नागरिकों के लिए सेल्फ-इन्यूमरेशन की सुविधा।
प्रशिक्षण व्यवस्था: जनगणना कार्य के लिए पांच स्तरों पर प्रशिक्षण आयोजित होगा, जिसमें सब्जेक्ट मैटर एक्सपर्ट, नेशनल ट्रेनर, मास्टर ट्रेनर, फील्ड ट्रेनर, प्रगणक, और पर्यवेक्षक शामिल होंगे।
पूर्व-परीक्षण की तैयारी: अक्टूबर-नवंबर 2025 में बिहार के तीन चार्जों में पूर्व-परीक्षण आयोजित होगा। इस दौरान मोबाइल एप्लिकेशन का पहली बार उपयोग होगा। प्रश्नावली, CMMS पोर्टल, HLO और PE मोबाइल ऐप, DLM मैपिंग ऐप, और HLB क्रिएटर पोर्टल का परीक्षण किया जाएगा।
बिहार सरकार ने सभी विभागों को निर्देश दिए हैं कि वे जनगणना 2027 की सफलता के लिए समन्वित प्रयास करें। यह पहल न केवल सटीक आंकड़े उपलब्ध कराएगी, बल्कि नीति निर्माण और विकास योजनाओं के लिए भी महत्वपूर्ण होगी।










