रायपुर, 14 मार्च 2026। प्रदेश में आर्थिक रूप से कमजोर बिजली उपभोक्ताओं को राहत देने के उद्देश्य से शुरू की गई मुख्यमंत्री बिजली बिल भुगतान समाधान योजना बड़ी सहूलियत बनकर सामने आई है। इस योजना के माध्यम से कोरोना महामारी के दौरान आर्थिक संकट से जूझे और बकाया बिजली बिल जमा नहीं कर पाने वाले उपभोक्ताओं को सीधा लाभ मिलेगा।
राज्य सरकार के अनुसार इस योजना से प्रदेश के 29 लाख से अधिक बिजली उपभोक्ताओं को लाभ मिलने का अनुमान है। इसके तहत लगभग 758 करोड़ रुपये तक की छूट प्रदान की जाएगी। बिजली क्षेत्र में इतनी बड़ी राशि की राहत पहली बार दी जा रही है।
किन उपभोक्ताओं को मिलेगा लाभ
यह योजना विशेष रूप से निम्नदाब घरेलू, बीपीएल और कृषि उपभोक्ताओं के लिए लागू की गई है। योजना के तहत 31 मार्च 2023 तक के बकाया बिजली बिल को आधार मानते हुए उपभोक्ताओं को मूल राशि और अधिभार में छूट दी जाएगी। इससे उन उपभोक्ताओं को राहत मिलेगी जो लंबे समय से बिजली बिल के बकाये से परेशान थे।
कोरोना काल में बढ़ा था बिजली बिल का बोझ
कोरोना संक्रमण के दौरान लागू प्रतिबंधों और प्रोटोकॉल के कारण कई महीनों तक मीटर रीडिंग नहीं हो सकी थी। इसके चलते बड़ी संख्या में उपभोक्ताओं को एक साथ कई महीनों के बिजली बिल प्राप्त हुए। आर्थिक तंगी के कारण कई परिवार इन बिलों का भुगतान नहीं कर पाए और बकाया राशि बढ़ती चली गई।
इसी स्थिति को देखते हुए राज्य सरकार ने आर्थिक रूप से कमजोर उपभोक्ताओं को राहत देने के लिए यह योजना लागू की है, जिससे वे आसान तरीके से अपने पुराने बकाये का समाधान कर सकें।
पंजीयन की प्रक्रिया शुरू
योजना के लिए प्रदेशभर के सभी बिजली वितरण केंद्रों और संबंधित कार्यालयों में पंजीयन की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है। इसके अलावा उपभोक्ता मोर बिजली ऐप के माध्यम से भी योजना में पंजीयन करा सकते हैं।
योजना 30 जून 2026 तक प्रभावशील रहेगी। सरकार का उद्देश्य है कि अधिक से अधिक पात्र उपभोक्ता इसका लाभ उठा सकें और अपने बकाया बिजली बिल का समाधान कर सकें।
गांव-गांव लगाए जाएंगे शिविर
योजना का लाभ अंतिम व्यक्ति तक पहुंचाने के लिए राज्य सरकार द्वारा गांव-गांव में शिविर लगाने की भी तैयारी की गई है। इन शिविरों के माध्यम से उपभोक्ताओं को योजना की जानकारी दी जाएगी और मौके पर ही पंजीयन की सुविधा भी उपलब्ध कराई जाएगी।
बकाया राशि का भुगतान करने के बाद पात्र उपभोक्ताओं को एम-ऊर्जा योजना का लाभ भी मिलने लगेगा। सरकार का मानना है कि इससे न केवल उपभोक्ताओं को आर्थिक राहत मिलेगी बल्कि वे नियमित रूप से बिजली बिल भुगतान के लिए भी प्रेरित होंगे।
राज्य सरकार ने उपभोक्ताओं से समय पर पंजीयन कराने और योजना का अधिक से अधिक लाभ लेने की अपील की है। किसी भी प्रकार की जानकारी या समस्या होने पर संबंधित बिजली वितरण केंद्र के अधिकारियों से संपर्क करने को कहा गया है।










