कांग्रेस की कार्यकारी अध्यक्ष सोनिया गांधी ने शनिवार को मुख्यमंत्री कैप्टन अमरिंदर सिंह का इस्तीफा मांग लिया है। गौर हो कि पिछले कई दिनों से कैप्टन को हटाने की तैयारी चल रही थी। पंजाब विधानसभा चुनाव में मात्र छह माह शेष हैं। इस बीच कांग्रेस ने अपने सबसे मजबूत मुख्यमंत्री कैप्टन अमरिंदर सिंह का इस्तीफा मांग लिया है। हालांकि, इस्तीफा मांगें जाने की अधिकारिक पुष्टि नहीं की गई है।
सूत्र बताते हैं कि पंजाब कांग्रेस भवन में शाम को पांच बजे विधायक दल की बैठक होनी है। इसमें पंजाब मामलों के प्रभारी हरीश रावत चंडीगढ़ पहुंच रहे हैं। मुख्यमंत्री कैप्टन अमरिंदर से उन्हें वहीं इस्तीफा सौंपने के लिए कहा गया है।
तीन दिन पहले ही 40 विधायकों ने सोनिया गांधी को पत्र लिखकर कैप्टन के खिलाफ अविश्वास जताया था। इन विधायकों ने पत्र में यह भी लिखा था कि और भी कई विधायक उनके खिलाफ हैं। मगर जब तक कैप्टन मुख्यमंत्री रहेंगे उनमें को कोई खुलकर उनके खिलाफ नहीं बोलेगा। ऐसे में विधायक दल की बैठक बुलाना जरूरी है। इस बैठक में दो केंद्रीय पर्यवेक्षक भी हों।
इसी चिट्ठी को आधार बनाकर हरीश रावत ने कांग्रेस की प्रधान सोनिया गांधी से मुलाकात की। इसके बाद शुक्रवार देर रात को पंजाब कांग्रेस कमेटी से शनिवार शाम पांच बजे विधायक दल की बैठक बुलाने के लिए कहा। इसमें केंद्रीय पर्यवेक्षक के तौर अजय माकन और हरीश राय चौधरी को भेजा जा रहा है।
इस बीच कैप्टन अमरिंदर सिंह भी अपने निकटवर्ती विधायकों की बैठक सिसवां फार्म हाउस पर बुलाने जा रहे हैं। उनके बेहद करीबी माने जाने वाले विधायकों ने भी माना है कि अब खेल खत्म हो गया है। एक विधायक ने कहा कि हम लंबे समय से कैप्टन से कहते आ रहे हैं कि अफसरों के बजाय पॉलिटिकल लोगों को आगे रखें।










