हमारे जीवन से कई रिश्ते जुड़े होते हैं। कुछ ऐसे जिन्हें भगवान बना कर भेजते हैं और कुछ ऐसे जो हम अपने व्यवहार के जरिए बनाते हैं। दोनों ही रिश्तो में कोई अंतर नहीं रहता। लोग भी वही रहते हैं और हम भी। जरूरी यह है हमारे सोच और वो नजरिया जो इन रिश्तों को और भी गहरा रूप दे सकता है।
रिश्तो में हर तरह की सुंदरता देखी जा सकती है। दोस्ती विश्वास आस्था, संकल्प। हमें इन रिश्ते और रिश्तेदारों से बहुत सारी चीजें सीखने को ही मिलती है। ऐसा जरूरी नहीं कि हम परिपूर्ण हैं। हमने सब कुछ है लेकिन हम अपने आसपास के दोस्तों से रिश्तेदारों से लोगों से संबंधों से हर दिन वह बातें सीख सकते हैं जो हमें नहीं है।










