अदाणी विद्या मंदिर में शिक्षक दिवस पर 120 शिक्षकों का सम्मान

अम्बिकापुर, 5 सितम्बर 2025 (Ekhabri):अदाणी विद्या मंदिर, साल्ही में शिक्षक दिवस के अवसर पर भव्य समारोह का आयोजन किया गया। इस कार्यक्रम में 40 सरकारी स्कूलों और अदाणी की ‘उत्थान’ परियोजना से जुड़े 120 से अधिक शिक्षकों को सम्मानित किया गया।

समारोह दोपहर 2 बजे से शाम 4 बजे तक चला, जिसमें स्कूल के बच्चों ने छत्तीसगढ़ी नृत्य, आधुनिक नृत्य और समूह गान प्रस्तुत किए। इन प्रस्तुतियों ने कार्यक्रम में उपस्थित अतिथियों और शिक्षकों का मन मोह लिया।

 

ग्रामीण क्षेत्रों के शिक्षकों का विशेष सम्मान

समारोह का मुख्य आकर्षण सम्मान समारोह रहा। इसमें शिक्षकों को उनके समर्पण और विद्यार्थियों के सर्वांगीण विकास में योगदान के लिए स्मृति चिन्ह और उपहार प्रदान किए गए। ‘उत्थान’ परियोजना के अंतर्गत स्नातक शिक्षक आदिवासी विद्यार्थियों को पुनरावृत्ति कक्षाएँ और जवाहर नवोदय विद्यालय प्रवेश परीक्षा की तैयारी में सहयोग कर रहे हैं।

 

इस अवसर पर विशिष्ट अतिथियों में उच्च माध्यमिक विद्यालय डांडगांव के प्राचार्य नरेंद्र अंबास्त, शासकीय मिडिल स्कूल बासेन के प्रधानाध्यापक भारत सिंह, मिडिल स्कूल चकेरी के प्रधानाध्यापक शोभित दास और अदाणी विद्या मंदिर के प्राचार्य आशिष पांडे उपस्थित थे। उन्होंने शिक्षा क्षेत्र में अदाणी फाउंडेशन के योगदान की सराहना करते हुए कहा कि इन प्रयासों से ग्रामीण छात्रों की शैक्षणिक उपलब्धियों में उल्लेखनीय सुधार हुआ है।

 

महिला सहकारी समिति को भी सम्मान

समारोह के समापन पर क्लस्टर प्रमुख और एचआर प्रमुख ने प्रेरणादायक वक्तव्य दिए। उन्होंने शिक्षकों को राष्ट्र निर्माण का आधार बताते हुए दूरस्थ क्षेत्रों में कार्यरत शिक्षकों के प्रति आभार व्यक्त किया। इसके साथ ही मध्याह्न भोजन सेवा में सहयोग देने वाली महिला सहकारी समिति की सदस्यों को भी उपहार देकर सम्मानित किया गया।

 

CSR कार्यों से ग्रामीण क्षेत्रों को मिला लाभ

अदाणी फाउंडेशन की CSR इकाई आरआरवीयूएनएल ने खदान के पास स्थित 14 गाँवों में कई विकासात्मक कार्य किए। इनमें सरकारी स्कूलों की मरम्मत, बाला पेंटिंग, अतिरिक्त कक्षाओं और पक्के शौचालयों का निर्माण, गाँवों की सड़कें और यात्री प्रतीक्षालयों की मरम्मत व सौंदर्यीकरण शामिल हैं।

 

साथ ही, पर्यावरणीय स्थिरता को बढ़ावा देने के लिए 16.60 लाख से अधिक पौधे खनन की गई जमीन में रोपित किए गए हैं।