टोल लोगों की जीवन का हिस्सा बन चुका है। कहीं भी आने जाने के लिए हमें टोल देना पड़ता है, लेकिन छत्तीसगढ़ में भाजपा सरकार बनने के बाद टोल टैक्स में 5 से 10% वृद्धि हो सकती है। इससे आने वाले समय में लोगों को परेशानी का सामना करना पड़ सकता है।
टोल टैक्स हर वर्ग के लोगों को देना पड़ता है, चाहे कर चालक हो ट्रांसपोर्टर हो। सभी को टोल टैक्स देना होता है। ऐसे में बस में सवार यात्रियों के लिए बीएफ सवारी महंगी हो सकती है। इस बाबत बस एसोसिएशन के अध्यक्ष अनवर अली ने बताया कि हमने नितिन गडकरी जी को पत्र लिखकर आग्रह किया है कि टोल टैक्स न बढ़ाया जाए। अगर टोल टैक्स बढ़ता है तो हमें बस का किराया भी बढ़ाना पड़ेगा। इससे यात्रियों को परेशानी हो सकती है। ट्रांसपोर्ट के समान जाते हैं, उस पर भी महंगाई बढ़ सकती है।
जहां एक ओर यात्रियों को बस में सवार होकर एक दूसरे जगह जाना पड़ता है तो वही ट्रकों में सामान भरकर एक प्रदेश से दूसरे प्रदेश भेजा जाता है, जिसमें कंपनियों को टोल देना पड़ता है। ट्रकों में हर तरह के समान भेजे जाते हैं। इससे ट्रक का लोड बढ़ता है और ऐसे टोल भी ज्यादा रहता है। ट्रक एसोसिएशन के छत्तीसगढ़ प्रभारी सुखदेव सिंह सिद्धू ने बताया कि हमने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और परिवहन मंत्री से आग्रह किया है कि हर साल टोल टैक्स बढ़ता है उसे ना बढ़ाएं, क्योंकि कोई भी संगठन यह नहीं चाहता कि वह घाटे में काम करें और टैक्स बढ़ने से इसका सीधा असर आम जनता को पड़ेगा।










