Google Analytics Meta Pixel आज से होगा श्राद्ध, तर्पण का महत्व - Ekhabri.com

आज से होगा श्राद्ध, तर्पण का महत्व

पूर्वजों की आत्मा की शांति और उनके तर्पण के निमित्त श्राद्ध किया जाता है। यहां श्राद्ध का अर्थ श्रद्धा पूर्वक अपने पितरों के प्रति सम्मान प्रकट करने से है। श्राद्ध पक्ष अपने पूर्वजों को जो इस धरती पर नहीं है एक विशेष समय में 15 दिनों की अवधि तक सम्मान दिया जाता है, इस अवधि को पितृ पक्ष अर्थात श्राद्ध पक्ष कहते हैं। हिंदू धर्म में श्राद्ध का विशेष महत्व होता है। इस साल श्राद्ध 2 सितंबर से शुरू और 17 सितंबर को समाप्त होंगे।इसके अगले दिन 18 सितंबर से अधिकमास शुरू हो जाएगा।

वैदिक ज्योतिष के अनुसार जब सूर्य का प्रवेश कन्या राशि में होता है तो, उसी दौरान पितृ पक्ष मनाया जाता है। पंडित मनोज शुक्ला के अनुसार  पितरों की आत्मा की शांति के लिए पितृ पक्ष में तर्पण और पिंडदान को सर्वोत्तम माना गया है।

पितृ पक्ष का महत्व

पौराणिक ग्रंथों में वर्णित किया गया है कि देवपूजा से पहले जातक को अपने पूर्वजों की पूजा करनी चाहिये। पितरों के प्रसन्न होने पर देवता भी प्रसन्न होते हैं। यही कारण है कि भारतीय संस्कृति में जीवित रहते हुए घर के बड़े बुजूर्गों का सम्मान और मृत्योपरांत श्राद्ध कर्म किये जाते हैं। इसके पिछे यह मान्यता भी है कि यदि विधिनुसार पितरों का तर्पण न किया जाये तो उन्हें मुक्ति नहीं मिलती और उनकी आत्मा मृत्युलोक में भटकती रहती है। पितृ पक्ष को मनाने का ज्योतिषीय कारण भी है। ज्योतिषशास्त्र में पितृ दोष काफी अहम माना जाता है। जब जातक सफलता के बिल्कुल नज़दीक पंहुचकर भी सफलता से वंचित होता हो, संतान उत्पत्ति में परेशानियां आ रही हों, धन हानि हो रही हों तो ज्योतिषाचार्य पितृदोष से पीड़ित होने की प्रबल संभावनाएं बताते हैं। इसलिये पितृदोष से मुक्ति के लिये भी पितरों की शांति आवश्यक मानी जाती है।

Read Also  Daughter's day: आज का दिन बेटियों के नाम

किस दिन करें पूर्वज़ों का श्राद्ध

वैसे तो प्रत्येक मास की अमावस्या को पितरों की शांति के लिये पिंड दान या श्राद्ध कर्म किये जा सकते हैं लेकिन पितृ पक्ष में श्राद्ध करने का महत्व अधिक माना जाता है। पितृ पक्ष में किस दिन पूर्वज़ों का श्राद्ध करें इसके लिये शास्त्र सम्मत विचार यह है कि जिस पूर्वज़, पितर या परिवार के मृत सदस्य के परलोक गमन की तिथि याद हो तो पितृपक्ष में पड़ने वाली उक्त तिथि को ही उनका श्राद्ध करना चाहिये। यदि देहावसान की तिथि ज्ञात न हो तो आश्विन अमावस्या को श्राद्ध किया जा सकता है इसे सर्वपितृ अमावस्या भी इसलिये कहा जाता है। समय से पहले यानि जिन परिजनों की किसी दुर्घटना अथवा सुसाइड आदि से अकाल मृत्यु हुई हो तो उनका श्राद्ध चतुर्दशी तिथि को किया जाता है। पिता के लिये अष्टमी तो माता के लिये नवमी की तिथि श्राद्ध करने के लिये उपयुक्त मानी जाती है।

Share The News




CLICK BELOW to get latest news on Whatsapp or Telegram.

 


कक्षा से समाज तक बदलाव की मिसाल पेश कर रहीं शिक्षिका खेमेश्वरी साहू, रचनात्मक शिक्षा से संवार रहीं बच्चों का भविष्य

By User 6 / October 4, 2026 / 0 Comments
बलौदाबाजार-भाटापारा जिले के छेरकाडीह स्कूल में शिक्षा के साथ संस्कार, पर्यावरण संरक्षण और सामाजिक जागरूकता पर जोर; विद्यार्थियों के सर्वांगीण विकास के लिए कर रहीं निरंतर प्रयास   पलारी, बलौदाबाजार-भाटापारा। शिक्षा का उद्देश्य केवल किताबी ज्ञान देना ही नहीं, बल्कि...

अवैध संबंध के कारण युवक को उतारा मौत के घाट, पति पत्नी में मिलकर की बेरहमी से हत्या सिर को धड़ से किया अलग

By User 6 / October 7, 2026 / 0 Comments
बलरामपुर : जिले से बेहद डरावनी खबर सामने आई हैं, जिसमें पता चला है एक पति ने अपनी पत्नी की हत्या कर दी है. पुलिस से मिली जानकारी के अनुसार डवरा चौकी पहुंचकर एक इंसान ने अपने भाई के लापता...

स्कूल से लौटते बच्चों के बीच पहुंचे शिक्षा मंत्री, सुनीं स्कूल की जरूरतें

By User 6 / October 6, 2026 / 0 Comments
रायपुर। दुर्ग जिले के सेलूद में सोमवार को उस समय स्कूली विद्यार्थियों के चेहरे खिल उठे, जब स्कूल की छुट्टी के बाद घर लौट रहे बच्चों के बीच शिक्षा मंत्री गजेन्द्र यादव अचानक पहुंच गए। मंत्री ने बच्चों के साथ...

बॉलीवुड के दिग्गज नाना पाटेकर नहीं रहे, कार्डियक अरेस्ट से निधन

By Reporter 5 / October 8, 2026 / 0 Comments
मुंबई/गोवा। भारतीय सिनेमा के दिग्गज अभिनेता नाना पाटेकर का 75 वर्ष की उम्र में निधन हो गया। अभिनेता ने 8 अक्टूबर 2026 की सुबह गोवा स्थित अपने आवास पर अंतिम सांस ली। उनके निधन की खबर से हिंदी और मराठी...

नौनिहाल छात्रवृत्ति ने संवारा बेटी का भविष्य, पढ़ाई को मिली नई उड़ान

By User 6 / October 3, 2026 / 0 Comments
रायपुर। जब सरकार की जनकल्याणकारी योजनाओं का लाभ सही समय पर जरूरतमंद परिवारों तक पहुंचता है, तो आर्थिक सहायता से कहीं बढ़कर यह उनके सपनों को आगे बढ़ाने का माध्यम बन जाता है। छत्तीसगढ़ के सारंगढ़-बिलाईगढ़ जिले के विकासखंड बिलाईगढ़...

बस्तर में पहली बार राष्ट्रीय सहकारिता सम्मेलन, 8-9 अक्टूबर को जुटेंगे अधिकारी

By User 6 / October 7, 2026 / 0 Comments
रायपुर। बस्तर में पहली बार राष्ट्रीय सहकारिता सम्मेलन का आयोजन होने जा रहा है। भारत सरकार के सहकारिता मंत्रालय की ओर से 8 और 9 अक्टूबर को जगदलपुर में आयोजित होने वाले इस सम्मेलन में देशभर के वरिष्ठ अधिकारी ‘सहकार...

झाड़ू थामकर सफाई अभियान में उतरीं मंत्री लक्ष्मी राजवाड़े, दिया बड़ा संदेश  

By User 6 / October 4, 2026 / 0 Comments
रायपुर। सेवा संकल्प अभियान एवं स्वच्छता ही सेवा 2026 के तहत सूरजपुर जिले के नगर पंचायत शिवनंदनपुर में जनभागीदारी से विशेष स्वच्छता अभियान चलाया गया। अभियान में महिला एवं बाल विकास तथा समाज कल्याण मंत्री लक्ष्मी राजवाड़े ने आंबेडकर चौक...

बॉलीवुड एक्ट्रेस नुसरत भरुचा बाली में हादसे का हुई शिकार, रीढ़ की हड्डी में आई चोट

By User 6 / October 4, 2026 / 0 Comments
मुंबई: बॉलीवुड एक्ट्रेस नुसरत भरुचा बाली में हादसे का शिकार हो गईं। चोट लगने के बाद उन्हें तुरंत बाली के एक अस्पताल में भर्ती कराया गया। अब उनकी टीम ने हेल्थ अपडेट दिया है। खबर है कि रीढ़ की हड्डी...

महतारी वंदन से बदली ईश्वरी की जिंदगी, सब्जी-बाड़ी बनी आत्मनिर्भरता की राह

By User 6 / October 5, 2026 / 0 Comments
रायपुर। गौरेला-पेंड्रा-मरवाही जिले के पेंड्रा विकासखंड के दूरस्थ वनांचल ग्राम बम्हनी की 40 वर्षीय ईश्वरी मरकार के जीवन में महतारी वंदन योजना आर्थिक सहारे से आगे बढ़कर आत्मनिर्भरता का आधार बन गई है। हर महीने बैंक खाते में मिलने वाली...

बस्तर में आईईडी पीड़ितों को मिलेंगे कृत्रिम हाथ-पैर, लगेंगे विशाल शिविर

By User 6 / October 4, 2026 / 0 Comments
रायपुर। छत्तीसगढ़ के बस्तर में आईईडी विस्फोटों से प्रभावित दिव्यांग लोगों के जीवन को आसान बनाने के लिए राज्य सरकार ने बड़ी पहल की है। बस्तर संभाग में दो चरणों में विशाल निःशुल्क दिव्यांग सेवा शिविर आयोजित किए जाएंगे। इन...

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *