Google Analytics Meta Pixel श्रीरामचरितमानस की चौपाई हर रही मन की पीड़ा - Ekhabri.com

श्रीरामचरितमानस की चौपाई हर रही मन की पीड़ा

कहेहु तें कछु दुख घटि होई, काहि कहौं यह जान न कोई। अर्थात, अपने मन की पीड़ा को किसी के सामने प्रकट करने पर भी दुख घट जाता है। पर कहूं किससे, यह दुख कोई नहीं जानता। श्रीरामचरितमानस को लेकर राजनीति में भले ही बवंडर उठा है, लेकिन इसी महाग्रंथ की चौपाई को राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन की गाइडलाइन में शामिल कर मन की पीड़ा हरने का इलाज माना गया है। उत्तर प्रदेश के कई जिला अस्पतालों में बने मन कक्ष में यह चौपाई अंकित है। क्लीनिकल साइकोलाजिस्ट मनोरोगियों को यह चौपाई पढ़ा-सुनाकर उनके अंदर छिपे दुख को समझने का प्रयास करते हैं। इससे मन शांत होता है और उन्हें अवसाद से छुटकारा मिलता है।

 

चौपाई से दे रहे साइकोथेरपी : मेरठ, गोरखपुर, बरेली, अलीगढ़, मैनपुरी समेत कई मंडलीय चिकित्सालयों में मानसिक रोगों से मुक्ति के लिए मन कक्ष स्थापित किए गए हैं, जिसकी दीवार पर चौपाई लिखी है। क्लीनिकल साइकोलाजिस्ट विभा नागर बताती हैं कि आमतौर पर 70 प्रतिशत मनोरोगी अपनी पीड़ा को छिपाते हैं। वो किसी से साझा नहीं करते और अवसादग्रस्त हो जाते हैं। मनोरोगी अपनी समस्या को बहुत बड़ी मान लेता है। काउंसिलिग के दौरान मनोरोगी को सबसे पहले यह चौपाई सुनाई जाती है। फिर उनसे भी बार-बार दोहराने को कहते हैं। इससे मनोरोगी अपनी पीड़ा साझा करने लगते हैं, क्योंकि उनके सामने यही बड़ा प्रश्न रहता है कि दर्द कहें भी तो किससे? रोगी को ऐसे भरोसेमंद मित्र-स्वजन के साथ मन की पीड़ा साझा करने की सलाह दी जाती है, जो पथ प्रदर्शक बन सकें, गलतियों को बता सकें। मनोरोग के उपचार की इस प्रक्रिया को साइकोथैरेपी कहा जाता है।

Read Also  दंडी स्वामी सदानंद सरस्वती और अविमुक्तेश्वरानंद हो सकते हैं शंकराचार्य के उत्‍तराधिकारी

 

20 हजार से अधिक की हो चुकी काउंसिलिग
मनोरोग सामाजिक कार्यकर्ता विनीता शर्मा बताती हैं कि 2018 में मेरठ के जिला अस्पताल में मन कक्ष बनाया गया। राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन की गाइडलाइन में इस चौपाई को मन कक्ष के प्रवेश द्वार पर लिखने को कहा गया। पांच साल में करीब 20 हजार मनोरोगियों की यहां काउंसिलिग हो चुकी है। सप्ताह में तीन दिन काउंसिलिग होती है। हर महीने लगभग 700 रोगी पहुंचते हैं। उनका कहना है कि यह चौपाई सुनने के बाद मनोरोगियों पर सकारात्मक प्रभाव पड़ता है और वह काउंसिलिग में सहयोग भी करते हैं।

 

इन रोगियों की होती है कांउसिलिग
मन कक्ष में मानसिक तनाव, सिजोफ्रेनिया (असामान्य व्यवहार), फोबिया, बाइपोलर डिसआर्डर (बड़ी-बड़ी बातें करना), डिमेंशिया (भूलने की बीमारी), बच्चों का पढ़ाई में मन न लगना, एकाग्रता की कमी, हाइपोकांड्रिओसिस (खुद को बीमार समझना) समेत अन्य मानसिक रोगों से निदान की काउंसिलिग की जाती है।

Share The News




CLICK BELOW to get latest news on Whatsapp or Telegram.

 


ट्रेनी IPS पर राहुल बंसल 1 करोड़ रिश्वत लेने का आरोप,जानिए क्या है मामला

By User 6 / August 7, 2026 / 0 Comments
अंबिकापुर/नई दिल्ली। छत्तीसगढ़ के अंबिकापुर में पदस्थ ट्रेनी IPS एवं CSP राहुल बंसल से जुड़ी अहम खबर सामने आई है। IPS पर एक ठगी मामले की जांच के दौरान 1 करोड़ रुपए रिश्वत लेने का गंभीर आरोप लगा है। हरियाणा...

छत्तीसगढ़ में समावेशी ग्रामीण विकास हेतु TRI-सरकार साझेदारी मजबूत

By User 6 / August 6, 2026 / 0 Comments
रायपुर, 5 अगस्त 2026।छत्तीसगढ़ में समावेशी ग्रामीण विकास को गति देने के उद्देश्य से ट्रांसफॉर्म रूरल इंडिया (TRI) और राज्य सरकार के बीच महत्वपूर्ण साझेदारी की शुरुआत हुई है। यह पहल राज्य में सामुदायिक नेतृत्व आधारित विकास मॉडल को मजबूत...

मानपुर मानपुर जिले में फिर से बाघ का आतंक, खेते जाने से डर रहे ग्रामीण

By User 6 / August 7, 2026 / 0 Comments
मोहला-मानपुर मानपुर जिले में एक बार फिर बाघ ने ग्रामीणों में दहशत पैदा कर दी है. मानपुर ब्लॉक के औंधी (नवागांव) उप वन परिक्षेत्र अंतर्गत निडेली गांव में बाघ ने बैल पर हमला कर उसे गंभीर रूप से घायल कर...

12 अगस्त की तारीख रखे याद, उस दिन पड़ने वाला है सूर्य ग्रहण

By User 6 / August 10, 2026 / 0 Comments
इस साल का दूसरा और आखिरी सूर्य ग्रहण 12 अगस्त को लगने जा रहा है। खगोलीय और ज्योतिषीय दृष्टि से इस सूर्य ग्रहण को खास माना जा रहा है। कई राशियों में इसका असर नजर आएगा। भारतीय समय के अनुसार...

रायपुर में सुकमा की पुनर्वासित बेटियों ने रैंप पर दिखाई नई पहचान

By User 6 / August 8, 2026 / 0 Comments
रायपुर।छत्तीसगढ़ की राजधानी रायपुर में आयोजित राष्ट्रीय हथकरघा दिवस कार्यक्रम के दौरान एक भावुक और प्रेरणादायक दृश्य देखने को मिला। पंडित दीनदयाल उपाध्याय ऑडिटोरियम में आयोजित इस कार्यक्रम में सुकमा जिले के चिंतलनार की पुनर्वासित बेटियों ने पहली बार बड़े...

देश में बढ़ रहे तेजी से H1N1 के मामलों, कही आपको भी तो नहीं है यह लक्षण

By User 6 / August 11, 2026 / 0 Comments
दिल्ली। दिल्ली-एनसीआर में इस मॉनसून इन्फ्लूएंजा, खासकर H1N1 के मामलों में तेज़ बढ़ोतरी देखने को मिल रही है। पिछले साल इसी अवधि में जहां H1N1 के 229 मामले सामने आए थे, वहीं इस साल अब तक 1,344 मामले दर्ज किए...

छत्तीसगढ़ में 1460 गौधाम बनेंगे, निराश्रित पशुओं को मिलेगा सुरक्षित आश्रय

By User 6 / August 6, 2026 / 0 Comments
रायपुर। छत्तीसगढ़ में निराश्रित और घुमंतू मवेशियों के संरक्षण के लिए राज्य सरकार ने एक बड़ा कदम उठाया है। ‘गौधाम योजना’ के तहत प्रदेशभर में चरणबद्ध तरीके से 1,460 गौधाम स्थापित किए जाएंगे। इस पहल का उद्देश्य बेसहारा पशुओं को...

मेरी बेटी–मेरा अभिमान अभियान शुरू, गांव-गांव विकास का संकल्प

By User 6 / August 6, 2026 / 0 Comments
रायपुर। प्रदेश में बेटियों के सम्मान, स्वच्छता और ग्रामीण विकास को नई दिशा देने के उद्देश्य से मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने ‘मेरी बेटी–मेरा अभिमान’ अभियान का शुभारंभ किया। नवा रायपुर स्थित महानदी भवन में आयोजित पत्रकार वार्ता में इस महत्वाकांक्षी...

माँ के नाम पीपल रोपण से वन महोत्सव-2026 का शुभारंभ

By User 6 / August 6, 2026 / 0 Comments
रायपुर। छत्तीसगढ़ में पर्यावरण संरक्षण की दिशा में एक बड़ी पहल करते हुए मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने वन महोत्सव-2026 का शुभारंभ किया। इस अवसर पर नया रायपुर में आयोजित वृहद वृक्षारोपण कार्यक्रम के तहत उन्होंने अपनी माँ के नाम पर...

खुशखबरी: 15 अगस्त से एलपीजी उपभोक्ताओं के मिलेगा अब 10 किलो का छोटा सिलेंडर, पारदर्शी के साथ होगा हल्का भी

By User 6 / August 7, 2026 / 0 Comments
रायपुर। छत्तीसगढ़ में एलपीजी उपभोक्ताओं के लिए खुशखबरी है.यहां अब ग्राहकों की सुविधा को ध्यान में रखते हुए 15 अगस्त से रायपुर में पहली बार 10 किलो का हल्का और पारदर्शी गैस सिलेंडर उपलब्ध कराया जाएगा. इस सिलेंडर की सबसे...