रायपुर, 5 अगस्त 2026।छत्तीसगढ़ में समावेशी ग्रामीण विकास को गति देने के उद्देश्य से ट्रांसफॉर्म रूरल इंडिया (TRI) और राज्य सरकार के बीच महत्वपूर्ण साझेदारी की शुरुआत हुई है। यह पहल राज्य में सामुदायिक नेतृत्व आधारित विकास मॉडल को मजबूत करने की दिशा में एक बड़ा कदम मानी जा रही है।
छठे ‘इंडिया रूरल कोलोक्वी’ के छत्तीसगढ़ चैप्टर का शुभारंभ रायपुर में हुआ, जहां छोटे किसानों और स्वयं-सहायता समूहों से जुड़ी महिलाओं को ग्रामीण परिवर्तन की नींव के रूप में पहचान देने पर जोर दिया गया। कार्यक्रम में मुख्यमंत्री सचिवालय से जुड़े अधिकारी राहुल भगत ने कहा कि छोटे किसान और महिला समूह ग्रामीण बदलाव के असली प्रेरक हैं और उनका साहस समाज में व्यापक परिवर्तन की प्रेरणा देता है।
नया रायपुर स्थित ट्राइबल रिसर्च एंड ट्रेनिंग इंस्टीट्यूट में आयोजित इस कार्यक्रम में वरिष्ठ सरकारी अधिकारियों, सामुदायिक नेताओं, नागरिक समाज संगठनों और विकास क्षेत्र के विशेषज्ञों ने भाग लिया। इस दौरान ‘ग्रीन इकोनॉमिक पाथवेज़ – छत्तीसगढ़’ रिपोर्ट भी जारी की गई, जिसमें जलवायु-अनुकूल और समावेशी ग्रामीण अर्थव्यवस्था के निर्माण के व्यावहारिक रास्ते सुझाए गए हैं।
कार्यक्रम में पद्मश्री से सम्मानित बुद्री थाती ने स्थानीय समुदायों और प्रकृति के बीच संतुलन को पुनर्स्थापित करने की आवश्यकता पर जोर दिया। वहीं पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग के सचिव भीम सिंह ने कहा कि किसी भी योजना की सफलता गांव स्तर पर मजबूत संस्थाओं पर निर्भर करती है।
इस संगोष्ठी में ‘ग्राम संवाद: ग्रामीण भारत का भविष्य गढ़ते समुदाय’ सत्र विशेष आकर्षण का केंद्र रहा, जिसमें महिला लीडर्स, प्रगतिशील किसानों और जनप्रतिनिधियों ने अपने अनुभव साझा किए। उन्होंने आजीविका सुधार, संस्थागत मजबूती और सामुदायिक सशक्तिकरण के लिए व्यवहारिक समाधान प्रस्तुत किए।
इसके साथ ही ‘समाधान मंथन पॉलिसी इनोवेशन लैब’ के माध्यम से विशेषज्ञों और जमीनी प्रतिनिधियों ने मिलकर नीति-आधारित सुझाव तैयार किए, जिन्हें एक प्रतिष्ठित जूरी के समक्ष प्रस्तुत किया गया। इन प्रयासों ने यह स्पष्ट किया कि जमीनी अनुभवों को नीति निर्माण में शामिल कर बड़े स्तर पर बदलाव लाया जा सकता है।
ट्रांसफॉर्म रूरल इंडिया, जो वर्ष 2016 से ग्रामीण क्षेत्रों में कार्यरत है, अब अपने दूसरे दशक में प्रवेश करते हुए लैंगिक समानता और समुदाय-आधारित विकास मॉडल को और मजबूत कर रहा है। यह संगठन राज्य सरकार के साथ मिलकर सतत और समावेशी विकास की दिशा में ठोस पहल कर रहा है।
उल्लेखनीय है कि ‘इंडिया रूरल कोलोक्वी 2026’ एक बहुराज्यीय मंच के रूप में उभरा है, जहां नीति-निर्माताओं, शिक्षाविदों, उद्योग जगत और समुदायों के प्रतिनिधि एक साथ मिलकर ग्रामीण भारत के भविष्य की रूपरेखा तय कर रहे हैं। इस वर्ष यह संगोष्ठी देश के विभिन्न राज्यों में आयोजित की जा रही है, जिसमें आजीविका, सुशासन, जलवायु परिवर्तन, स्वास्थ्य और तकनीकी विकास जैसे अहम विषयों पर चर्चा हो रही है।










