रायपुर। छत्तीसगढ़ में प्रधानमंत्री आवास योजना (शहरी) 2.0 के प्रभावी क्रियान्वयन की केंद्र सरकार ने सराहना की है। नगरीय प्रशासन एवं विकास विभाग के प्रमुख सचिव सोनमणि बोरा ने नई दिल्ली में केंद्रीय आवासन और शहरी कार्य मंत्रालय के सचिव सत्येन्द्र सिंह से मुलाकात कर राज्य में केंद्र प्रवर्तित शहरी योजनाओं की प्रगति की जानकारी दी।
संकल्प भवन में हुई बैठक के दौरान सोनमणि बोरा ने प्रधानमंत्री आवास योजना (शहरी) 2.0 की प्रगति, प्रधानमंत्री आवास योजना (शहरी) 1.0 के लंबित कार्यों और उन्हें निर्धारित विस्तारित कार्यावधि में पूरा करने के लिए राज्य शासन द्वारा तैयार कार्ययोजना से केंद्रीय सचिव को अवगत कराया। योजना की प्रगति की जानकारी पर केंद्रीय सचिव ने संतोष व्यक्त करते हुए छत्तीसगढ़ में इसके प्रभावी क्रियान्वयन की सराहना की। बैठक में राज्य शहरी विकास अभिकरण (SUDA) के मुख्य कार्यपालन अधिकारी सुमीत अग्रवाल भी मौजूद रहे।
बैठक में सोनमणि बोरा ने अर्बन चैलेंज फंड, मिशन अमृत 2.0 और स्वच्छ भारत मिशन (शहरी) 2.0 सहित विभिन्न केंद्रीय योजनाओं की प्रगति की विस्तार से जानकारी दी। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार इन योजनाओं को निर्धारित समयसीमा में पूरा करने के लिए प्रतिबद्ध है।
अर्बन चैलेंज फंड के तहत छत्तीसगढ़ के लिए 6,000 करोड़ रुपये के केंद्रीय आवंटन में से 1,500 करोड़ रुपये की राशि आवंटन के लिए प्रावधानित की गई है। इसके अंतर्गत रायपुर में गंज मंडी, टर्शियरी सीवेज ट्रीटमेंट प्लांट, नवीन मार्केट रिडेवलपमेंट और पुरानी म्युनिसिपल बिल्डिंग के पुनर्विकास जैसी परियोजनाएं प्रस्तावित हैं। इसके अलावा भिलाई-दुर्ग क्लस्टर में हाइब्रिड मॉडल पर वेस्ट-टू-एनर्जी प्लांट स्थापित करने की योजना भी चिन्हित की गई है।
इन परियोजनाओं के लिए हुडको से वित्तीय सहायता और क्षमता विकास से संबंधित कार्ययोजना पर राज्य स्तर पर तेजी से काम किया जा रहा है। सोनमणि बोरा ने भारत सरकार को अर्बन चैलेंज फंड के तहत निर्धारित समयसीमा में प्रस्ताव भेजने की प्रतिबद्धता भी जताई।
मिशन अमृत 2.0 की समीक्षा के दौरान प्रमुख सचिव ने योजना के तहत चल रहे कार्यों की अद्यतन प्रगति साझा की। उन्होंने बताया कि स्वीकृत कार्यों को चरणबद्ध तरीके से अगले डेढ़ वर्षों में पूरा करने की कार्ययोजना तैयार की गई है। वित्तीय वर्ष 2026-27 में केंद्र सरकार से प्राप्त 100 करोड़ रुपये के संपूर्ण व्यय की जानकारी देते हुए उन्होंने इसकी अग्रिम किस्त जारी करने का अनुरोध किया।
केंद्र सरकार ने अनुरोध पर त्वरित कार्रवाई करते हुए राज्य को 100 करोड़ रुपये जारी कर दिए। इसके साथ ही सोनमणि बोरा ने उन नगरीय निकायों में भी मिशन अमृत लागू करने का आग्रह किया, जहां अभी तक कार्ययोजना स्वीकृत नहीं हुई है। उन्होंने ऐसे निकायों के लिए अतिरिक्त राशि उपलब्ध कराने का अनुरोध भी किया।
स्वच्छ भारत मिशन (शहरी) 2.0 की घटकवार प्रगति की जानकारी देते हुए प्रमुख सचिव ने कहा कि मिशन की अवधि समाप्त होने में कम समय शेष है। ऐसे में प्रगतिरत सभी कार्यों को विशेष कार्ययोजना तैयार कर निर्धारित समयसीमा में पूरा करने का प्रयास किया जा रहा है।
बैठक में छत्तीसगढ़ के छोटे आकार और कम घनत्व वाले नगरीय निकायों के कारण केंद्रीय योजनाओं के क्रियान्वयन में सामने आ रही जमीनी चुनौतियों की जानकारी भी केंद्रीय सचिव को दी गई। इस पर केंद्रीय आवासन और शहरी कार्य मंत्रालय के सचिव सत्येन्द्र सिंह ने राज्य को केंद्र सरकार की ओर से हरसंभव सहयोग का आश्वासन दिया।










