बलौदाबाजार जिला के ग्राम पंचायत भरवाडीह में श्री रायपुर सीमेंट संयंत्र में कार्यरत मजदूरों को नौकरी से निकाले जाने के विरोध में 55 ग्रामीण और उनके परिवार द्वारा प्लांट के आवासीय परिसर के गेट को बंदकर नारेबाजी की और धरना दिया।
ग्रामीणों ने सीमेंट संयंत्र प्रबंधक पर आरोप लगाते हुए कहा कि सीमेंट कंपनी द्वारा जब हमारी जमीन ली गई थी, तब हमें रोजगार देने का वादा किया गया था। अब हमारे साथ धोखाधड़ी करते हुए रोजगार के नाम पर ठेकेदार के अंदर काम दे दिया गया। हम लोग पिछले सात साल से काम कर रहे हैं। अचानक काम पूर्ण होने की जानकारी देते हुए निकाल दिया गया। इसे लेकर हम धरना दे रहे हैं। जब तक हमारी मांग पूरी नहीं होगी तब तक हम धरना में बैठे रहेंगे।
दरअसल श्री रायपुर सीमेंट संयंत्र द्वारा प्लांट स्थापित करने के लिए किसानों की जमीन अधिग्रहीत की गई थी। साथ ही किसानों को रोजगार देने का वादा किया गया था, लेकिन डायरेक्ट कंपनी के माध्यम से काम नहीं देकर ठेकेदार के माध्यम से काम दिया जा रहा है। इतना ही नहीं जब काम पूर्ण हो जाता है तो ठेकेदार के माध्यम से एक हफ्ते के अंदर दूसरा काम दिलाने का वादा करते हुए निकाल दिया जाता है। बीते तीन महीने से बेरोजगार ग्रामीण रोजगार की मांग को लेकर दर-दर भटकने पर मजबूर हैं
मुख्यमंत्री भूपेश बघेल बलौदाबाजार दौरे के दौरान रोजगार की समस्या को लेकर अधिकारियों को निर्देशित करते हुए कंपनियों में स्थानीय लोगों को प्राथमिकता से रोजगार देने के साथ-साथ कंपनी में कार्यरत स्थानीय लोगों की जानकारी लेने के लिए निर्देशित किया गया था। इसके बावजूद स्थानीय लोगों को रोजगार देने के बजाय जो लोग काम कर रहे हैं उसे ही निकालने का काम किया जा रहा है ऐसे में छत्तीसगढ़ सरकार का सपना कैसा पूरा होगा अपने आप में बड़ा सवाल है।










