Google Analytics Meta Pixel राज्य में पहली बार महुआ पेड़ों के संरक्षण का वृहद अभियान शुरू - Ekhabri.com

राज्य में पहली बार महुआ पेड़ों के संरक्षण का वृहद अभियान शुरू

मनेंद्रगढ़ वनमंडल में महुआ बचाओ अभियान की शुरुआत

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महुआ बचाओ अभियान के तहत मनेन्द्रगढ़ में लगाए गए 30,000 पौधे

 

रायपुर, 29 अगस्त 2024/ बस्तर और सरगुजा क्षेत्रों के आदिवासी अंचल में महुआ का पेड़ विशेष महत्व रखता है। महुआ के मौसम में गाँवों की गलियाँ खाली हो जाती हैं, क्योंकि सभी ग्रामीण महुआ के फूल बीनने में व्यस्त होते हैं। महुआ का पेड़ प्रकृति का बहुमूल्य उपहार है, जिसे भारत में कल्पवृक्ष के नाम से भी जाना जाता है। यह पेड़ आदिवासियों के लिए आर्थिक, धार्मिक और सामाजिक रूप से महत्वपूर्ण है। महुआ का पेड़ उत्तर, दक्षिण और मध्य भारत के 13 राज्यों में पाया जाता है, और इसके फूल, फल, बीज, छाल और पत्तियाँ सभी उपयोगी हैं। यह आदिवासियों की आय का एक प्रमुख स्रोत भी है। हालांकि, पिछले कुछ समय से महुआ के उत्पादन में गिरावट देखी गई है और नए पेड़ नहीं उग रहे हैं, जिससे इनकी संख्या घट रही है।

 

पुनरुत्पादन की कमी से महुआ पेड़ों की संख्या में गिरावट

महुआ पेड़ों की घटती संख्या चिंता का विषय बन गई है। सबसे बड़ी समस्या इनके पुनरुत्पादन की है। जंगलों में महुआ पर्याप्त मात्रा में है, लेकिन आदिवासियों द्वारा महुआ का संग्रहण मुख्य रूप से गाँव की खाली पड़ी जमीन और खेतों की मेड़ों पर लगे पेड़ों से किया जाता है। बस्तर और सरगुजा के गाँवों में बड़े महुआ के पेड़ ही बचे हैं, जबकि छोटे और मध्यम आयु के पेड़ों की संख्या लगभग नगण्य है। महुआ संग्रहण से पहले ग्रामीण जमीन साफ करने के लिए आग लगाते हैं, जिससे नए पौधे नष्ट हो जाते हैं। महुआ पेड़ की औसत आयु 60 वर्ष होती है, और अगर जंगल के बाहर इनके पुनरुत्पादन पर ध्यान नहीं दिया गया तो यह जल्द ही खत्म हो सकते हैं। इन्हीं चिंताओं को ध्यान में रखते हुए राज्य में पहली बार बड़े स्तर पर महुआ बचाओ अभियान की शुरुआत की गई है।

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प्रधानमंत्री मोदी और मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय की पहल लाई रंग

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा शुरू किया गया विशेष अभियान “एक पेड़ मां के नाम” ने राज्य में मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय के नेतृत्व में पौधारोपण और पर्यावरण संरक्षण की जागरूकता बढ़ा दी है। यह अभियान छत्तीसगढ़ में एक जन आंदोलन का रूप ले चुका है। इसी क्रम में वन मंडल मनेंद्रगढ़ में महुआ बचाओ अभियान की शुरुआत की गई है। राज्य में पहली बार बड़े स्तर पर महुआ पेड़ों की संख्या बढ़ाने और उनके संरक्षण की कवायद शुरू की गई है।

महुआ बचाओ अभियान के तहत 30,000 से अधिक पौधे लगाए गए

मनेन्द्रगढ़ वन क्षेत्र में गाँव के बाहर खाली पड़ी जमीन और खेतों में महुआ के पौधे लगाए जा रहे हैं। इन पौधों की सुरक्षा के लिए ट्री गार्ड लगाए गए हैं। इस अभियान के तहत अब तक 30,000 महुआ के पौधे लगाए जा चुके हैं। ग्रामीणों को पौधों की सुरक्षा के लिए ट्री गार्ड भी प्रदान किए जा रहे हैं। महुआ के पौधे लगने से ग्रामीणों में उत्साह है और वे इस अभियान में बढ़-चढ़कर हिस्सा ले रहे हैं।

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