मुख्यमंत्री मेधावी छात्र-छात्रा शिक्षा प्रोत्साहन योजना से पंकज के जीवन में आया बड़ा बदलाव

रायपुर, 18 सितंबर 2024/ एक छोटे से गांव से निकलकर इंजीनियरिंग की पढ़ाई, फिर आईआईटी धनबाद तक का सफर और अंत में टाटा स्टील जैसी बड़ी कंपनी में मैनेजर का पद हासिल करना, किसी श्रमिक परिवार के बच्चे के लिए एक सपने जैसा है। इस सपने को साकार करने का काम एक श्रमिक परिवार के होनहार बच्चे पंकज साहू ने किया है।
विश्वकर्मा जयंती के अवसर पर राज्य स्तरीय श्रमिक सम्मेलन में मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने पंकज साहू को उनकी शानदार सफलता के लिए सम्मानित किया। पंकज साहू वर्तमान में ओडिशा के जयपुर जिले के कलियापानी स्थित टाटा स्टील कंपनी में मैनेजर के पद पर कार्यरत हैं। इस सम्मान के लिए पंकज साहू ने मुख्यमंत्री का हृदय से आभार व्यक्त किया।
पंकज की कहानी संघर्ष, मेहनत और इच्छाशक्ति का जीता-जागता उदाहरण है। धमतरी जिले के छोटे से गांव दर्री के निवासी पंकज साधारण परिवार से ताल्लुक रखते हैं। उनके पिता जयलाल साहू एक निजी दुकान में श्रमिक थे और माता ज्ञानबती साहू रेज़ा मजदूर के रूप में काम करती थीं। पंकज ने अपनी प्रारंभिक पढ़ाई गांव में ही की थी और बचपन से ही मैथ्स और साइंस में विशेष रुचि रखते थे। आर्थिक स्थिति ठीक न होने के बावजूद उन्होंने इंजीनियर बनने का सपना देखा।
इंजीनियरिंग की पढ़ाई का खर्च उनके परिवार के लिए वहन करना संभव नहीं था। पंकज ने अपनी पढ़ाई का खर्च स्वयं सेवी संस्था और प्राइवेट ट्यूशन के माध्यम से जुटाया। लेकिन जब एमटेक करने का निर्णय लिया, तब भी आर्थिक चुनौतियाँ उनके सामने खड़ी रहीं। इसी दौरान उन्हें श्रम विभाग की मेधावी छात्र-छात्रा शिक्षा प्रोत्साहन योजना के बारे में पता चला, जिसने उनके सपनों को उड़ान दी।
इस योजना के तहत पंकज की एमटेक की शिक्षा का पूरा खर्च छत्तीसगढ़ सरकार द्वारा वहन किया गया। उन्होंने आईआईटी धनबाद से एमटेक की डिग्री प्राप्त की और अपनी मेहनत और लगन से गोल्ड मेडल हासिल किया। इसके बाद उन्हें वेदांता रिसोर्स में प्लेसमेंट मिला और फिर टाटा स्टील में मैनेजर के पद पर नियुक्ति मिली। आज पंकज 18 लाख रुपये सालाना के पैकेज पर कार्यरत हैं और उनका जीवन पूरी तरह बदल चुका है।
पंकज का मानना है कि अगर उन्हें मुख्यमंत्री मेधावी छात्र-छात्रा शिक्षा प्रोत्साहन योजना और माता-पिता का सहारा न मिलता, तो यह सफलता पाना संभव नहीं था। उन्होंने छत्तीसगढ़ सरकार का आभार व्यक्त किया, जिसने उनके जैसे कई गरीब बच्चों को शिक्षा के क्षेत्र में आगे बढ़ने का अवसर प्रदान किया है।
पंकज की कहानी उन लाखों बच्चों के लिए प्रेरणास्रोत है, जो आर्थिक तंगी के कारण अपने सपनों को छोड़ने पर मजबूर हो जाते हैं। यह कहानी बताती है कि सरकारी योजनाएं सही ढंग से लागू होकर जरूरतमंदों तक पहुंचे, तो वे किसी के जीवन में बड़ा बदलाव ला सकती हैं।









