रायपुर, 01 मार्च 2025 // छत्तीसगढ़ में औद्योगिक विकास को नई गति देने के लिए सरकार ने न्यूनतम प्रशासन और अधिकतम प्रोत्साहन की नीति अपनाई है। इसके चलते अब तक राज्य में 1.23 लाख करोड़ रुपये से अधिक के निवेश प्रस्ताव प्राप्त हो चुके हैं। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने नवा रायपुर में आयोजित ‘इंडस्ट्री डायलॉग’ कार्यक्रम में यह जानकारी दी। उन्होंने निवेशकों को आमंत्रित करते हुए कहा कि छत्तीसगढ़ विजन 2047 के तहत राज्य को औद्योगिक हब बनाने की दिशा में तेजी से कार्य हो रहा है।
रैंप योजना का शुभारंभ, निवेशकों को आमंत्रण
मुख्यमंत्री ने सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्यमों (MSME) को बढ़ावा देने के लिए रैंप योजना का शुभारंभ किया। इस दौरान प्रधानमंत्री रोजगार सृजन कार्यक्रम और प्रधानमंत्री सूक्ष्म खाद्य उद्योग योजना के तहत 12 लाभार्थियों को वित्तीय सहायता प्रदान की गई। साथ ही, 16 निवेशकों को ‘इनविटेशन टू इन्वेस्ट’ पत्र वितरित किए गए, जिससे प्रदेश में 11,733 करोड़ रुपये का निवेश होगा और 9,000 से अधिक युवाओं को रोजगार मिलेगा।
ईज ऑफ डूइंग बिजनेस को बढ़ावा
मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य में निवेशकों के लिए ‘ईज ऑफ डूइंग बिजनेस’ को मजबूत किया जा रहा है। अनुमति, अनुमोदन और नवीनीकरण की प्रक्रिया को सरल किया गया है, जिससे नए उद्यम स्थापित करने में आसानी हो रही है। सरकार नई औद्योगिक नीति के तहत 7 लघु औद्योगिक क्षेत्रों और 4 बड़े औद्योगिक क्षेत्रों की स्थापना कर रही है। बस्तर के नगरनार स्टील प्लांट के कारण औद्योगिक संभावनाएं बढ़ी हैं और इसके लिए नगरनार के पास 118 एकड़ भूमि में नया औद्योगिक पार्क स्थापित किया जा रहा है।
नई तकनीकों को मिलेगा प्रोत्साहन
मुख्यमंत्री ने बताया कि छत्तीसगढ़ में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI), आईटी, रोबोटिक्स, डेटा सेंटर और फार्मास्युटिकल उद्योगों को विशेष प्रोत्साहन दिया जाएगा। राज्य सरकार सेमीकंडक्टर और एआई-आधारित उद्योगों को बढ़ावा देने के लिए भी काम कर रही है।
विकसित भारत लक्ष्य के अनुरूप छत्तीसगढ़ का विकास
मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के विकसित भारत के लक्ष्य के अनुरूप छत्तीसगढ़ विजन 2047 तैयार किया गया है। पिछले 25 वर्षों में राज्य की जीएसडीपी 20 गुना बढ़कर 5 लाख करोड़ रुपये हो गई है। सरकार पूंजीगत व्यय (कैपिटल एक्सपेंडिचर) को बढ़ाने पर जोर दे रही है, जिससे राज्य में बुनियादी ढांचे और औद्योगिक विकास को मजबूती मिलेगी।
उद्योग मंत्री ने दिए आश्वासन
कार्यक्रम में उद्योग मंत्री लखन लाल देवांगन ने कहा कि सरकार प्रदेश के युवाओं को रोजगार देने के लिए निवेशकों को हर संभव सहयोग दे रही है। उन्होंने जानकारी दी कि जिन उद्योगों को पिछले 6 वर्षों से अनुदान राशि नहीं मिली थी, उन्हें जल्द ही 489 करोड़ रुपये जारी किए जाएंगे।
इस अवसर पर मुख्य सचिव अमिताभ जैन, मुख्यमंत्री के प्रमुख सचिव सुबोध सिंह, उद्योग विभाग के सचिव रजत कुमार सहित कई वरिष्ठ अधिकारी और बड़ी संख्या में उद्योगपति उपस्थित रहे।









