हरियाणा सरकार पूरन कुमार आत्महत्या प्रकरण की जांच में सक्रिय है। मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने परिवार की मांग पर रोहतक के एसपी नरेंद्र बिजराणिया को उनके पद से हटा दिया। हालांकि, डीजीपी शत्रुजीत कपूर को लेकर अभी कोई निर्णय नहीं लिया गया है। मंत्रिमंडल की बैठक अब रविवार को सुबह नौ बजे बुलाई गई है।
परिवार को आश्वासन और त्वरित कार्रवाई का निर्देश
मुख्यमंत्री ने दिवंगत आइपीएस अधिकारी की पत्नी, आइएएस अमनीत पी. कुमार से मुलाकात कर भरोसा दिलाया कि दोषी चाहे जितना प्रभावशाली क्यों न हो, कार्रवाई की जाएगी। केंद्रीय गृह मंत्रालय ने भी राज्य सरकार को मामले में त्वरित कार्रवाई करने के निर्देश दिए हैं।
राजनीतिक प्रतिक्रिया और विपक्ष की दबाव
इस प्रकरण पर विपक्ष ने भाजपा सरकार पर आरोप लगाए। कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी और बसपा प्रमुख मायावती ने दलित उत्पीड़न का आरोप लगाते हुए सरकार से डीजीपी को हटाने और नामजद एफआईआर दर्ज कर गिरफ्तार करने की मांग की। वरिष्ठ कांग्रेस नेताओं ने भी न्याय सुनिश्चित करने की अपील की।
सरकार की चुनौती और समाधान
हरियाणा सरकार के सामने संकट यह है कि एफआईआर में 14 रिटायर्ड और मौजूदा अधिकारियों के नाम शामिल हैं। सरकार अब बीच का रास्ता निकालने में लगी है। रोहतक के एसपी की जगह आइपीएस सुरेंद्र भौरिया को नया पुलिस अधीक्षक नियुक्त किया गया है।










