मध्य प्रदेश में मौसम ने अचानक करवट ले ली है। आंधी, बारिश और ओलावृष्टि की गतिविधियों के चलते प्रदेश के कई हिस्सों में तापमान में उल्लेखनीय गिरावट दर्ज की गई है। हालात ऐसे हैं कि कई शहरों का न्यूनतम तापमान 20 डिग्री सेल्सियस से भी नीचे पहुंच गया है, जिससे लोगों को भीषण गर्मी से राहत मिली है।
पचमढ़ी बना सबसे ठंडा स्थान, इंदौर-भोपाल में भी महसूस हुई ठंडक
राज्य के एकमात्र हिल स्टेशन Pachmarhi में शुक्रवार को न्यूनतम तापमान 18.2 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया, जो प्रदेश में सबसे कम रहा। इसके अलावा इंदौर में 19 डिग्री, मंदसौर में 19.3 डिग्री, मरुखेड़ा में 19.9 डिग्री और भोपाल में 20.2 डिग्री सेल्सियस तापमान रिकॉर्ड किया गया।
कई जिलों में ओलावृष्टि और धूलभरी आंधी, 40 से ज्यादा शहरों में बारिश
पिछले 24 घंटों के दौरान प्रदेश के कई हिस्सों में मौसम का अलग-अलग रूप देखने को मिला। भोपाल, देवास, झाबुआ और शाजापुर में ओले गिरे, जबकि खरगोन, दमोह, जबलपुर, मंदसौर, राजगढ़ और सीहोर में धूलभरी आंधी चली। 40 से अधिक शहरों में बारिश दर्ज की गई, जिससे तापमान में गिरावट आई।
बड़नगर में सबसे ज्यादा बारिश, कई इलाकों में झमाझम बरसे बादल
बारिश के आंकड़ों पर नजर डालें तो बड़नगर में सबसे अधिक 58 मिमी वर्षा रिकॉर्ड की गई। इसके अलावा सैलाना में 50 मिमी, कोलार में 40 मिमी, नबीबाग और धुंधड़ा में 36-36 मिमी बारिश दर्ज की गई। लगातार हो रही बारिश से कई क्षेत्रों में मौसम सुहावना हो गया है।
नौगांव सबसे गर्म, 42.5 डिग्री तक पहुंचा तापमान
जहां कई शहरों में तापमान में गिरावट दर्ज की गई, वहीं छतरपुर जिले का Naugaon सबसे गर्म शहर रहा। यहां अधिकतम तापमान 42.5 डिग्री सेल्सियस रिकॉर्ड किया गया। खजुराहो में 41.4 डिग्री, खरगोन में 41 डिग्री, दतिया में 40.8 डिग्री और ग्वालियर में 40.5 डिग्री सेल्सियस तापमान दर्ज किया गया।
40 से ज्यादा जिलों में बारिश और तेज हवाओं की चेतावनी
मौसम विभाग ने भोपाल, इंदौर, जबलपुर, ग्वालियर, उज्जैन, सागर, आलीराजपुर, रतलाम, विदिशा, बालाघाट और शाजापुर समेत 40 से अधिक जिलों में गरज-चमक के साथ बारिश की संभावना जताई है। वहीं मंदसौर, नीमच, छिंदवाड़ा, सिवनी, अशोकनगर, शिवपुरी, श्योपुर, दमोह और सागर में 50 से 60 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चलने का अनुमान है। इन क्षेत्रों के लिए ओलावृष्टि और आंधी-बारिश का ऑरेंज अलर्ट जारी किया गया है।
मानसून की रफ्तार धीमी, मध्य प्रदेश में पहुंचने में हो सकती है देरी
आमतौर पर मध्य प्रदेश में मानसून 15 जून के आसपास दस्तक देता है, लेकिन इस बार इसके आगमन में देरी की संभावना जताई जा रही है। मौसम विभाग के अनुसार मानसून की गति फिलहाल धीमी बनी हुई है। अनुमान है कि मानसून प्रदेश में करीब पांच दिन की देरी से प्रवेश कर सकता है और 20 जून के आसपास शहडोल तथा जबलपुर संभाग के जिलों तक पहुंच सकता है।
फिलहाल राहत भरा मौसम, लेकिन अगले कुछ दिन रहेंगे अहम
मौसम विशेषज्ञों का मानना है कि आगामी दिनों में भी प्रदेश के कई हिस्सों में बारिश, आंधी और गरज-चमक की गतिविधियां जारी रह सकती हैं। ऐसे में लोगों को मौसम विभाग की चेतावनियों पर नजर रखने और खराब मौसम के दौरान सतर्क रहने की सलाह दी गई है।










