कोरोना संकट में भी देश में अरबपतियों (जिनकी संपत्ति कम से कम एक अरब डॉलर या लगभग 7,200 करोड़ रुपये है) की संख्या भी बढ़ी है। हुरुन ग्लोबल रिच की सूची के मुताबिक पिछले वर्ष भारत में अरबपतियों की सूची में 40 नए लोग शामिल हुए हैं। इनको मिलाकर देश में अब अरबपतियों की संख्या 177 हो गई है। रिपोर्ट में कहा गया है कि रिलायंस इंडस्ट्रीज लिमिटेड (आरआइएल) के प्रमुख मुकेश अंबानी सबसे अमीर भारतीय बने हुए हैं। पिछले वर्ष उनकी संपत्ति 24 फीसद बढ़कर 83 अरब डॉलर (करीब छह लाख करोड़ रुपये) पर पहुंच गई। इससे दुनिया के अरबपतियों की सूची में एक पायदान चढ़कर आठवें नंबर पर पहुंच गए।
पिछले वर्ष अदाणी ग्रुप के चेयरमैन गौतम अदाणी की संपत्ति भी बढ़कर 32 अरब डालर पर पहुंच गई है। इस बढ़ोतरी के साथ दुनियाभर के अमीरों की सूची में उनका स्थान 20 पायदान चढ़कर 48वां हो गया है। मुकेश अंबानी के बाद वह दूसरे सबसे अमीर भारतीय हैं। उनके भाई विनोद अदाणी की संपत्ति भी 128 फीसद बढ़कर 9.8 अरब डॉलर हो गई। आइटी कंपनी एचसीएल के संस्थापक शिव नादर 27 अरब डॉलर की संपत्ति के साथ देश के अमीरों में तीसरे नंबर पर रहे। महिंद्रा ग्रुप के चेयरमैन आनंद महिंद्रा की संपत्ति 100 फीसद बढ़कर 2.4 अरब डॉलर पर पहुंच गई।
हुरुन ग्लोबल रिच की सूची के मुताबिक पिछले वर्ष बायोटेक्नोलॉजी दिग्गज बॉयकोन की चेयरपर्सन किरण मजुमदार-शॉ की संपत्ति 41 फीसद बढ़कर 4.8 अरब डालर हो गई। हालांकि पतंजलि आयुर्वेद के आचार्य बालकृष्ण की संपत्ति पिछले वर्ष 32 फीसद घटकर 3.6 अरब डालर रह गई।










