Google Analytics Meta Pixel पावस प्रसंग में शास्त्रीय नृत्य-संगीत से साकार हुई वर्षा ऋतु की मनोहारी छटा - Ekhabri.com

पावस प्रसंग में शास्त्रीय नृत्य-संगीत से साकार हुई वर्षा ऋतु की मनोहारी छटा

रायपुर। संस्कृति विभाग, छत्तीसगढ़ शासन द्वारा भारतीय शास्त्रीय कला परंपरा और वर्षा ऋतु के सौंदर्य को समर्पित शास्त्रीय नृत्य एवं संगीत कार्यक्रम ‘पावस प्रसंग’ का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में कलाकारों ने नृत्य, संगीत और भावाभिव्यक्ति के माध्यम से वर्षा ऋतु के विविध रंगों, प्रकृति के उल्लास और मानवीय संवेदनाओं को मंच पर जीवंत कर दिया। प्रस्तुतियों ने दर्शकों को रिमझिम फुहारों, हरियाली और पावस के भावलोक का सजीव अनुभव कराया।

 

कार्यक्रम में राजभाषा आयोग के अध्यक्ष प्रभात मिश्रा ने वर्षा ऋतु की विशेषताओं को अभिव्यक्त करती सुमित्रानंदन पंत की कविता का भावपूर्ण पाठ किया। उन्होंने कहा कि छत्तीसगढ़ वर्षा के दृष्टिकोण से समृद्ध प्रदेश है। प्रदेश की कृषि व्यवस्था और जनजीवन की अनेक गतिविधियां वर्षा पर निर्भर हैं। वर्षा प्रकृति को नवजीवन देती है और इसके बिना हरियाली, कृषि समृद्धि तथा प्रकृति की जीवंतता की कल्पना कठिन है।

 

प्रभात मिश्रा ने कहा कि वर्षा और प्रकृति के गहरे संबंध को भारतीय साहित्य, संगीत और नृत्य परंपरा ने सदियों से अलग-अलग रूपों में अभिव्यक्त किया है। भारतीय शास्त्रीय कलाओं में ऋतुओं और प्रकृति के विविध रूपों का विशेष स्थान रहा है। इसी सांस्कृतिक परंपरा को केंद्र में रखकर आयोजित ‘पावस प्रसंग’ वर्षा ऋतु के सौंदर्य, संवेदना और सांस्कृतिक महत्ता को जनमानस तक पहुंचाने का सार्थक प्रयास है।

 

शास्त्रीय गायन और नृत्य ने बांधा समां

 

‘पावस प्रसंग’ में कलाकारों की प्रस्तुतियों ने कार्यक्रम को भावपूर्ण और आकर्षक बना दिया। आराध्या कुमारी सिंह ने शास्त्रीय गायन के माध्यम से पावस ऋतु के भावों को सुरों में पिरोया। उनके गायन से पूरा वातावरण संगीत की मधुरता से सराबोर हो गया।

Read Also  शराब घोटाले में अनिल टुटेजा की रिमांड बढ़ी...अब इतने दिनों तक रहेंगे ED की गिरफ्त में..

 

ताक्षवी गौतम ने ओडिसी नृत्य के माध्यम से वर्षा ऋतु की भाव-भंगिमाओं और प्रकृति के सौंदर्य को साकार किया। वहीं तरुण शर्मा एवं साथी कलाकारों ने कथक की प्रस्तुति देकर ताल, लय, भाव और पद-संचालन का सुंदर समन्वय प्रस्तुत किया। आँचल पांडेय ने भी ओडिसी नृत्य की मनोहारी प्रस्तुति से दर्शकों की सराहना प्राप्त की। कलाकारों की प्रस्तुतियों ने पावस ऋतु के विविध भावों और रंगों को मंच पर सजीव कर दिया।

 

कलाकारों को मंच और प्रोत्साहन देने की महत्वपूर्ण पहल

 

‘पावस प्रसंग’ केवल वर्षा ऋतु के सौंदर्य को कला के माध्यम से प्रस्तुत करने वाला कार्यक्रम नहीं रहा, बल्कि प्रदेश की कला एवं सांस्कृतिक परंपराओं के संरक्षण और संवर्धन के साथ कलाकारों को मंच उपलब्ध कराने की दिशा में भी महत्वपूर्ण पहल के रूप में सामने आया। ऐसे आयोजनों से शास्त्रीय नृत्य और संगीत के कलाकारों को अपनी साधना, प्रतिभा और रचनात्मकता दर्शकों के सामने प्रस्तुत करने का अवसर मिलता है।

 

कार्यक्रम के माध्यम से भारतीय सांस्कृतिक परंपराओं में प्रकृति और ऋतुओं के महत्व को भी रेखांकित किया गया। वर्षा ऋतु भारतीय लोकजीवन, साहित्य, संगीत और नृत्य में लंबे समय से प्रेरणा का स्रोत रही है। ‘पावस प्रसंग’ ने इसी समृद्ध परंपरा को आधुनिक मंच पर प्रभावी ढंग से प्रस्तुत किया।

 

संस्कृति संचालक डॉ. संजय कनौजे ने किया कलाकारों का उत्साहवर्धन

 

कार्यक्रम का शुभारंभ संस्कृति विभाग के संचालक डॉ. संजय कनौजे की गरिमामयी उपस्थिति में हुआ। इस अवसर पर उप संचालक उमेश मिश्रा, उदय सिंह चौहान, वरिष्ठ साहित्यकार अरविंद मिश्रा, वरिष्ठ पत्रकार दीपेंद्र दीवान, वरिष्ठ कलाकार रिखी क्षत्रिय एवं विजय मिश्रा सहित कला और साहित्य जगत से जुड़े गणमान्यजन उपस्थित रहे।

Read Also  कुम्हीचुआ में सनसनीखेज खुलासा: अंधे कत्ल की गुत्थी सुलझी, पैसे के विवाद में हुई थी हत्या

 

कार्यक्रम को संबोधित करते हुए संस्कृति संचालक डॉ. संजय कनौजे ने कहा कि ‘पावस प्रसंग’ छत्तीसगढ़ के कलाकारों को प्रोत्साहित करने और उन्हें राज्य स्तर पर मंच प्रदान करने की दिशा में महत्वपूर्ण पहल है। ऐसे आयोजनों से कला एवं संस्कृति से जुड़े कलाकारों को अपनी प्रतिभा और वर्षों की साधना प्रस्तुत करने का अवसर मिलता है। उन्होंने कहा कि भारतीय शास्त्रीय नृत्य एवं संगीत की समृद्ध परंपरा को आगे बढ़ाने तथा कला-संस्कृति के संरक्षण और संवर्धन के लिए इस प्रकार के आयोजन महत्वपूर्ण हैं।

 

डॉ. कनौजे ने कहा कि ‘पावस प्रसंग’ के माध्यम से वर्षा ऋतु से जुड़े सौंदर्यबोध, प्रकृति के प्रति संवेदना और भारतीय सांस्कृतिक परंपराओं को आमजन तक पहुंचाने का प्रयास किया जा रहा है। उन्होंने कला प्रेमियों और आम नागरिकों से ऐसे सांस्कृतिक आयोजनों में अधिक से अधिक संख्या में उपस्थित होकर कलाकारों का उत्साहवर्धन करने का आग्रह किया।

 

पावस के रंगों में रंगा सांस्कृतिक मंच

 

‘पावस प्रसंग’ में शास्त्रीय गायन की मधुरता, ओडिसी की भावपूर्ण भंगिमाओं और कथक की ताल-लय ने मिलकर ऐसा वातावरण निर्मित किया, जिसमें वर्षा ऋतु केवल प्राकृतिक घटना न रहकर संगीत, नृत्य, साहित्य और संवेदना का उत्सव बन गई। कलाकारों की प्रस्तुतियों ने दर्शकों को पावस के सौंदर्य से जोड़ते हुए भारतीय शास्त्रीय कला परंपरा की समृद्ध विरासत का अनुभव कराया।

 

प्रकृति और संस्कृति एक-दूसरे से गहराई से जुड़ी हुई हैं। वर्षा की बूंदों से लेकर खेतों की हरियाली और मनुष्य के भावों तक, पावस जीवन के अनेक रंगों को अपने भीतर समेटे हुए है। संस्कृति विभाग का यह आयोजन इन्हीं रंगों को शास्त्रीय कला के माध्यम से मंच पर साकार करने का सुंदर प्रयास रहा।

Read Also  जशपुर में आधुनिक एम्बुलेंस सेवा शुरू, ग्रामीणों को त्वरित स्वास्थ्य सुविधा

 

 

Share The News




CLICK BELOW to get latest news on Whatsapp or Telegram.

 


क्या राखी में होगा चंद्र ग्रहण का असर! जानिए शुभ मुहूर्त

By User 6 / August 21, 2026 / 0 Comments
रायपुर। 28 अगस्त 2026 को रक्षाबंधन का त्योहार मनाया जाएगा। इसी दिन साल का आखिरी चंद्र ग्रहण भी लगने वाला है। ऐसे में लोगों के मन में सवाल है कि क्या ग्रहण का असर राखी बांधने के शुभ मुहूर्त पर...

आर्थिक तंगी के बीच मुख्यमंत्री कैंप कार्यालय की पहल से अविनाश को मिला नया जीवन

By User 6 / August 18, 2026 / 0 Comments
रायपुर । आर्थिक तंगी के कारण इलाज से वंचित 21 वर्षीय अविनाश नायक के लिए मुख्यमंत्री कैंप कार्यालय की संवेदनशील पहल नई उम्मीद लेकर आई। फरसाबहार विकासखंड के ग्राम पंडरीपानी निवासी अविनाश का रायपुर स्थित डीकेएस अस्पताल में सफल उपचार...

नागचंद्रेश्वर मंदिर के पट खुले, दर्शन को उमड़ी भीड़ में भगदड़ जैसी स्थिति

By User 6 / August 17, 2026 / 0 Comments
उज्जैन।धार्मिक नगरी उज्जैन में सावन के तीसरे सोमवार और नाग पंचमी के विशेष अवसर पर भगवान नागचंद्रेश्वर के भक्तों का लंबे समय से चला आ रहा इंतजार खत्म हुआ। रविवार रात करीब 11:30 बजे श्री नागचंद्रेश्वर मंदिर के कपाट खोलने...

फर्जी दिव्यांगता प्रमाण-पत्र मामलों की जांच के लिए बनेगा विशेष मेडिकल बोर्ड

By User 6 / August 20, 2026 / 0 Comments
रायपुर । छत्तीसगढ़ में फर्जी दिव्यांगता प्रमाण-पत्र के आधार पर शासकीय सेवा में कार्यरत लोगों के मामलों की अब त्वरित जांच की जाएगी। इसके लिए राज्य एवं संभागीय स्तर पर मेडिकल बोर्ड के माध्यम से परीक्षण की प्रक्रिया को प्रभावी...

छत्तीसगढ़ में बड़ा प्रशासनिक फेरबदल, 23 आईएएस अधिकारियों के विभाग बदले

By Reporter 5 / August 19, 2026 / 0 Comments
  रायपुर। छत्तीसगढ़ शासन के सामान्य प्रशासन विभाग ने मंगलवार को 23 आईएएस अधिकारियों के पदस्थापना एवं अतिरिक्त प्रभार से संबंधित आदेश जारी किया है। आदेश के तहत कई वरिष्ठ अधिकारियों को नई जिम्मेदारियां सौंपी गई हैं, जबकि कुछ अधिकारियों...

मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने बगिया में बैलों के साथ की बियासी, पुरानी यादें ताजा हुई 

By User 6 / August 18, 2026 / 0 Comments
रायपुर। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय का अपनी माटी, गांव और खेती-किसानी से गहरा आत्मीय जुड़ाव एक बार फिर देखने को मिला। सोमवार सुबह मुख्यमंत्री अपने गृहग्राम बगिया, जशपुर जिले के खेत पहुंचे और पारंपरिक तरीके से बैलों की जोड़ी के...

आज तीसरा सावन सोमवार और नाग पंचमी, जानिए क्यों खास है आज का दिन

By User 6 / August 17, 2026 / 0 Comments
आज 17 अगस्त 2026 को सावन का तीसरा सोमवार व्रत रखा जाएगा। यह दिन सभी शिव भक्तों के लिए खास रहेगा, क्योंकि इस शुभ अवसर पर कई विशेष योग बन रहे हैं। इस दिन रवि योग और सिंह संक्रांति का...

भिलाई सिस्कोल फैक्ट्री में बड़ा हादसा, मजदूर की मौत पर जोरदार हंगामा

By User 6 / August 20, 2026 / 0 Comments
दुर्ग। छत्तीसगढ़ के भिलाई के हथखोज स्थित सिस्कोल फैक्ट्री में फैक्ट्री के यूनिट-3 में जॉब हैंडलिंग के दौरान बड़ा हादसे हो गया। जिसमें मजदूर राजेश निर्मलकर की मौके पर ही मौत हो गई। हादसे के बाद बड़ी संख्या में मजदूर...

नवा रायपुर में ई-बसों के संचालन समेत सड़क परियोजनाओं पर बड़ा फैसला

By User 6 / August 20, 2026 / 0 Comments
रायपुर।नवा रायपुर में ई-बसों के संचालन, नए कार्यालय भवनों के निर्माण और रायगढ़-जांजगीर-चांपा की महत्वपूर्ण सड़क परियोजनाओं को लेकर मंगलवार को मंत्रालय महानदी भवन में परियोजना निर्माण एवं क्रियान्वयन समिति की बैठक हुई। मुख्य सचिव विकासशील की अध्यक्षता में आयोजित...

इंदिरा गांधी कृषि विश्वविद्यालय पेपर लीक मामले में एफआईआर, कवर्धा-बिलासपुर से वायरल हुआ प्रश्नपत्र

By Reporter 5 / August 22, 2026 / 0 Comments
रायपुर। इंदिरा गांधी कृषि विश्वविद्यालय (IGKV) की बीएससी कृषि द्वितीय वर्ष की कीटशास्त्र परीक्षा का प्रश्नपत्र लीक होने के मामले में तेलीबांधा पुलिस ने एफआईआर दर्ज कर ली है। विश्वविद्यालय के यूजी परीक्षा प्रभारी डॉ. एन.आर. रंगारे की रिपोर्ट पर...

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *