रायपुर। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने लौह पुरुष एवं भारत रत्न सरदार वल्लभभाई पटेल की जयंती और राष्ट्रीय एकता दिवस के अवसर पर उन्हें श्रद्धांजलि अर्पित की। मुख्यमंत्री ने शनिवार को सिविल लाइन स्थित मुख्यमंत्री निवास में सरदार पटेल के छायाचित्र पर पुष्प अर्पित कर उन्हें नमन किया। इस दौरान उन्होंने देश की एकता, अखंडता और राष्ट्रीय एकीकरण में सरदार पटेल के ऐतिहासिक योगदान को याद किया।
मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने कहा कि सरदार वल्लभभाई पटेल भारतीय एकता और अखंडता के महान शिल्पकार थे। उन्होंने अदम्य साहस, दृढ़ इच्छाशक्ति और कुशल नेतृत्व के बल पर स्वतंत्रता के बाद देश की सैकड़ों रियासतों को एक सूत्र में पिरोकर सशक्त और अखंड भारत की नींव रखी। राष्ट्र निर्माण में उनका यह असाधारण योगदान भारतीय इतिहास में सदैव स्वर्णाक्षरों में अंकित रहेगा।
मुख्यमंत्री ने कहा कि सरदार पटेल का संपूर्ण जीवन राष्ट्रहित, अनुशासन, कर्तव्यनिष्ठा और जनसेवा का अनुपम उदाहरण है। उन्होंने विपरीत परिस्थितियों में भी अपने सिद्धांतों से समझौता नहीं किया और हमेशा देश की एकता को सर्वोच्च प्राथमिकता दी। उनका जीवन हमें सिखाता है कि दृढ़ संकल्प, सामूहिक प्रयास और राष्ट्र के प्रति अटूट समर्पण से बड़ी से बड़ी चुनौतियों का समाधान किया जा सकता है।
मुख्यमंत्री साय ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में सरदार पटेल के एक भारत, श्रेष्ठ भारत के संकल्प को साकार करने की दिशा में निरंतर प्रयास किए जा रहे हैं। देश आज विकास, सुशासन और आत्मनिर्भरता के नए आयाम स्थापित करते हुए विकसित भारत के लक्ष्य की ओर तेजी से आगे बढ़ रहा है। सरदार पटेल के विचार और आदर्श इस राष्ट्रीय संकल्प को और अधिक मजबूती प्रदान करते हैं।
उन्होंने कहा कि राष्ट्रीय एकता दिवस केवल सरदार पटेल के महान योगदान को याद करने का अवसर नहीं है, बल्कि यह देश की एकता, अखंडता और सामाजिक समरसता बनाए रखने के संकल्प को दोहराने का भी दिन है। भारत की विविधता उसकी सबसे बड़ी शक्ति है। विभिन्न भाषाओं, संस्कृतियों, परंपराओं और समुदायों को एकता के सूत्र में बांधकर आगे बढ़ना ही सरदार पटेल के प्रति सच्ची श्रद्धांजलि है।
मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने प्रदेशवासियों से सरदार वल्लभभाई पटेल के आदर्शों को आत्मसात करने और राष्ट्र की एकता, अखंडता एवं समृद्धि में योगदान देने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि सभी को मिलकर एक सशक्त, समरस और विकसित छत्तीसगढ़ के निर्माण का संकल्प लेना चाहिए, ताकि विकसित भारत के निर्माण में प्रदेश अग्रणी भूमिका निभा सके।










