Google Analytics Meta Pixel रायपुर में गूंजा दही हांडी उत्सव, मुख्यमंत्री साय ने बढ़ाया गोविंदाओं का उत्साह - Ekhabri.com

रायपुर में गूंजा दही हांडी उत्सव, मुख्यमंत्री साय ने बढ़ाया गोविंदाओं का उत्साह

रायपुर। राजधानी रायपुर के गुढ़ियारी स्थित अवधपुरी मैदान में आयोजित विशाल दही हांडी उत्सव में भक्ति, उल्लास और उत्साह का अद्भुत संगम देखने को मिला। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय कार्यक्रम में शामिल हुए और गोविंदाओं की टोलियों का उत्साह बढ़ाते हुए प्रदेशवासियों को श्रीकृष्ण जन्मोत्सव की शुभकामनाएं दीं।

मुख्यमंत्री ने कहा कि दही हांडी का उत्सव भगवान श्रीकृष्ण की बाल लीलाओं की स्मृतियों को जीवंत करने के साथ ही समाज को एकता, सहयोग और टीम भावना की शक्ति का संदेश देता है। माखन चुराने वाले नटखट कान्हा की बाल लीलाएं आज भी लोगों के मन में आनंद, प्रेम और भक्ति का भाव जगाती हैं।

 

उन्होंने कहा कि दही हांडी केवल मनोरंजन या उत्सव का अवसर नहीं, बल्कि सामूहिक शक्ति का सुंदर प्रतीक है। हांडी तक पहुंचने वाला गोविंदा अकेले उस ऊंचाई तक नहीं पहुंचता। उसके नीचे खड़े प्रत्येक साथी का विश्वास, सहयोग और सामर्थ्य उसे लक्ष्य तक पहुंचाता है। जब सभी लोग एक लक्ष्य के लिए मिलकर प्रयास करते हैं, तब कठिन से कठिन लक्ष्य भी हासिल किया जा सकता है। यही भावना समाज और प्रदेश के विकास में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाती है।

 

मुख्यमंत्री साय ने भगवान श्रीकृष्ण के जीवन को कर्तव्य और जिम्मेदारी का प्रेरणास्रोत बताया। उन्होंने कहा कि श्रीकृष्ण ने ग्वालबालों के प्रिय सखा के रूप में प्रेम और मित्रता का संदेश दिया, द्वारका के नेतृत्वकर्ता के रूप में कुशल नेतृत्व का उदाहरण प्रस्तुत किया और कुरुक्षेत्र में सारथी बनकर मानवता को कर्मयोग का मार्ग दिखाया। उन्होंने जीवन की हर भूमिका को पूरी जिम्मेदारी के साथ निभाया। उनका जीवन हमें परिस्थितियां कैसी भी हों, अपने कर्तव्य पथ पर अडिग रहने की प्रेरणा देता है।

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मुख्यमंत्री ने छत्तीसगढ़ की समृद्ध आध्यात्मिक और सांस्कृतिक विरासत का उल्लेख करते हुए कहा कि प्रदेश का भगवान श्रीराम से गहरा संबंध रहा है। छत्तीसगढ़ को प्रभु श्रीराम का ननिहाल और माता कौशल्या की जन्मभूमि माना जाता है। भगवान श्रीराम ने वनवास का लंबा समय छत्तीसगढ़ की धरती पर बिताया। अबूझमाड़ क्षेत्र भी रामायण काल के विशाल दंडकारण्य का हिस्सा रहा है। राम से जुड़ी स्मृतियां और धार्मिक स्थल प्रदेश की सांस्कृतिक पहचान को विशेष गौरव प्रदान करते हैं।

 

उन्होंने कहा कि राज्य सरकार प्रदेश की धार्मिक और सांस्कृतिक विरासत के संरक्षण तथा श्रद्धालुओं को प्रमुख तीर्थ स्थलों से जोड़ने के लिए लगातार कार्य कर रही है। श्री रामलला दर्शन योजना के माध्यम से प्रदेश के श्रद्धालुओं को अयोध्याधाम में रामलला के दर्शन का अवसर मिल रहा है। मुख्यमंत्री के अनुसार, अब तक छत्तीसगढ़ के 50 हजार से अधिक श्रद्धालु इस योजना के माध्यम से अयोध्या जाकर रामलला के दर्शन कर चुके हैं।

 

मुख्यमंत्री ने बताया कि मुख्यमंत्री तीर्थ दर्शन योजना के तहत राज्य के वृद्धजनों को देश के प्रमुख तीर्थ स्थलों की यात्रा कराई जा रही है। योजना के अंतर्गत अब तक 10 हजार से अधिक श्रद्धालु विभिन्न तीर्थ स्थलों के दर्शन कर चुके हैं। उन्होंने कहा कि छत्तीसगढ़ की संस्कृति में गौमाता का विशेष स्थान है और राज्य सरकार सुरभि गोधाम योजना के माध्यम से गौवंश के संरक्षण एवं संवर्धन की दिशा में भी कार्य कर रही है।

 

मुख्यमंत्री साय ने कहा कि छत्तीसगढ़ देवी-देवताओं की कृपा से समृद्ध पुण्यभूमि है और प्रदेश पर भगवान भोलेनाथ की विशेष कृपा रही है। कबीरधाम का भोरमदेव मंदिर और राजिम का कुलेश्वर महादेव मंदिर प्रदेश के प्रमुख धार्मिक केंद्रों में शामिल हैं। वहीं जशपुर का मधेश्वर पहाड़ अपनी अद्भुत प्राकृतिक संरचना के कारण विशेष पहचान रखता है और इसे विश्व के सबसे बड़े प्राकृतिक शिवलिंग के रूप में मान्यता मिली है।

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उन्होंने कहा कि छत्तीसगढ़ में मातृशक्ति से जुड़े अनेक प्रसिद्ध शक्तिपीठ और आस्था केंद्र भी हैं। डोंगरगढ़ की मां बम्लेश्वरी, रतनपुर की मां महामाया, दंतेवाड़ा की मां दंतेश्वरी और चंद्रपुर की मां चंद्रहासिनी के धाम प्रदेश की समृद्ध धार्मिक परंपरा के प्रमुख प्रतीक हैं। सरकार इस गौरवशाली धार्मिक एवं सांस्कृतिक विरासत के संरक्षण, संवर्धन और इसे आने वाली पीढ़ियों तक पहुंचाने के लिए प्रतिबद्ध है।

 

विशाल दही हांडी उत्सव के दौरान गोविंदाओं की विभिन्न टोलियों ने पूरे जोश और उत्साह के साथ प्रतियोगिता में हिस्सा लिया। बड़ी संख्या में पहुंचे लोगों के बीच पूरे आयोजन स्थल पर कृष्ण भक्ति और उत्सव का माहौल बना रहा।

कार्यक्रम में भजन गायक लखबीर सिंह लक्खा और लोकप्रिय गायक बी प्राक ने अपनी प्रस्तुतियों से दर्शकों का मन मोह लिया। भक्ति गीतों और भजनों की प्रस्तुतियों के बीच अवधपुरी मैदान कृष्ण भक्ति के रंग में सराबोर नजर आया।

 

इस अवसर पर कौशल विकास मंत्री गुरु खुशवंत साहेब, राज्यसभा सांसद लक्ष्मी वर्मा, विधायक मोतीलाल साहू, अनुज शर्मा और ईश्वर साहू, छत्तीसगढ़ नागरिक आपूर्ति निगम के अध्यक्ष संजय श्रीवास्तव, गौसेवा आयोग के उपाध्यक्ष राजीव लोचन महाराज, रायपुर नगर निगम की अध्यक्ष मीनल चौबे, वीणा सिंह, कौशल्या देवी साय सहित अनेक जनप्रतिनिधि, गणमान्य नागरिक और बड़ी संख्या में आमजन उपस्थित रहे।

 

 

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