महाराष्ट्र के पुणे में कोरोना के कहर के कारण इंसानियत भी मर गई है। इसके कारण यहां मां के शव के पास दो दिनों तक उसका डेढ़ साल का बच्चा रोता-बिलखता रहा, मगर कोरोना और बीमारी के डर से कोई मदद नहीं करने गया। बाद पुलिस पहुंची और दो महिला कांस्टेबलों ने शिशु की मां की ज़िम्मेदारी निभाई। आस-पड़ोस के लोगों में मृतका को लेकर आशंका थी कि उसकी मौत कोरोना से हुई है, हालांकि बच्चे का कोविड टेस्ट भी निगेटिव है।
यह बच्चा मृत मां के शव के पास बैठा रहा, लेकिन बगल में बैठे डेढ़ साल का मासूम की पड़ोसियों ने तब तक सुध नहीं ली, जब तक इस घर से आ रही बदबू ने परेशान नहीं किया। मकान मालिक के कॉल पर पुलिस पहुंची और बच्चे को गोद में उठाया। मृत महिला का शव सोमवार को मिला, लेकिन पुलिस को शक है कि मौत दो दिन पहले हुई है। डेढ़ साल के बच्चे को क़रीब दो दिन से भूखा-प्यासा बताया गया।
पिंपरी चिंचवड़ पुलिस की कांस्टेबल सुशीला गभाले कहती हैं, ‘मेरे भी दो बच्चे हैं। एक आठ, एक छह साल का। यह अपना बच्चा जैसा लगा, जब मैं उसको चम्मच से दूध पिला रही थी तब वो बहुत जल्दी-जल्दी पी रहा था, भूखा था।’










