मध्य प्रदेश में सियासी पारा चरम पर है। यहां एफआईआर का दौर भी जारी है। नेताओं पर एफआईआर दर्ज कराने के मामले भी लगातार सामने आ रहे हैं। ताजा मामला प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री दिग्विजय सिंह से जुड़ा है। मध्यप्रदेश की राजधानी में पेट्रोल-डीजल की कीमतों में हुई बढ़ोतरी के विरोध में बगैर अनुमति के साइकिल रैली निकालने पर पूर्व मुख्यमंत्री दिग्विजय सिंह सहित 150 कांग्रेस कार्यकर्ताओं के खिलाफ मामला दर्ज किया गया है।
पेट्रोल-डीजल के दामों में लगातार हो रहे इजाफे के विरोध में बुधवार को प्रदेशभर में कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने प्रदर्शन किया था। राजधानी भोपाल में दिग्विजय सिंह ने कांग्रेस कार्यकर्ताओं के प्रदर्शन की अगुवाई की थी और साइकिल रैली निकाली थी। दिग्विजय सिंह की अगुवाई में कांग्रेस कार्यकर्ताओं की साइकिल रैली सीएम हाउस की ओर बढ़ी थी जिसे पुलिस ने रास्ते में ही रोक दिया था। दिग्विजय सिंह पर आरोप है कि उन्होंने साइकिल रैली के दौरान सोशल डिस्टेंसिंग के नियमों का पालन नहीं किया और अब इसी को लेकर दिग्विजय सहित 150 कांग्रेसी कार्यकर्ताओं पर भोपाल के टीटीनगर थाने में धारा 188, 341, 269, 270 और 143 के तहत मामला दर्ज किया गया है।
बता दें कि इससे पहले दिग्विजय सिंह पर भोपाल क्राइम ब्रांच ने भी केस दर्ज किया है। तब सीएम शिवराज सिंह चौहान का फेक वीडियो वायरल करने का आरोप लगाते हुए बीजेपी नेताओं ने दिग्विजय के खिलाफ क्राइम ब्रांच में शिकायत दर्ज कराई थी और दिग्विजय सिंह को मानहानि, कूट रचना समेत अन्य धाराओं में आरोपी बनाया गया है। दिग्विजय सिंह पर आरोप लगाया गया कि उन्होंने सीएम शिवराज सिंह चौहान के 21 जनवरी 2020 के एक वीडियो जो कि दो मिनिट से ज्यादा का था उसके साथ छेड़छाड़ की और फिर छेड़छाड़ कर 9 सेकेंड का वीडियो बनाकर सोशल मीडिया पर वायरल किया है।










