उत्तर प्रदेश के विश्वविद्यालयों और उनसे संबंधित कॉलेजों में ग्रेजुएट और पोस्ट ग्रेजुएट के फाइनल ईयर की परीक्षाएं अगस्त-सितम्बर में कराई जाएंगी. यह बातें यूपी सरकार के उप-मुख्यमंत्री और शिक्षा मंत्री डॉ. दिनेश शर्मा ने एक वर्चुअल संवाददाता सम्मलेन में कही हैं. उनके अनुसार कोविड-19 के बढ़ते संक्रमण को देखते हुए केंद्र सरकार के जारी किए गए दिशा-निर्देशों के अनुसार 31 जुलाई तक स्कूल या कॉलेज में क्लासेज तो नहीं चलाई जाएंगी लेकिन यूजी और पीजी के फाइनल ईयर की परीक्षाएं अगस्त-सितम्बर में कराई जाएंगी. उनके अनुसार कुछ परीक्षाएं अगस्त महीने में कराई जाएंगी. उसके बाद स्थिति की समीक्षा की जाएगी. स्थिति की समीक्षा के बाद ही आगे की परीक्षाएं और क्लासेज चलाने का निर्णय किया जाएगा.
ऐसा क्या कारण है कि केवल फाइनल ईयर की ही परीक्षाएं कराई जाएगी ? ऐसा इसलिए है क्योंकि इसी हफ्ते की शुरुआत में यूजीसी ने विश्वविद्यालयों और कॉलेजों की परीक्षाओं को लेकर एक नई गाइड लाइन जारी की है. इस नई गाइड लाइन के अनुसार जो परीक्षाएं जुलाई में कराने की अनिवार्यता थी उसको ख़त्म कर दिया है. यूजीसी ने अब यूजी और पीजी की फाइनल ईयर की परीक्षा को जरूरी बताते हुए इसे सितम्बर महीने तक कराने की परमिशन दे दी है.
यूजीसी ने साथ में यह भी कहा है कि लोकल परिस्थितियों को देखते हुए विश्वविद्यालय और कॉलेज इन परीक्षाओं को 30 सितम्बर तक कभी भी करा सकते हैं. यह परीक्षाएं ऑफ़ लाइन या ऑनलाइन किसी भी मोड में कराई जा सकती हैं लेकिन इस मामले की जानकारी यूजीसी को देनी होगी.
पहले और दूसरे साल की परीक्षाओं के बारे में नई गाइड लाइन में इसलिए कुछ नहीं कहा गया है क्योंकि यूजीसी ने पहले ही यह कह दिया था कि पहले और दूसरे साल के छात्रों को आतंरिक मूल्यांकन के आधार पर प्रमोट कर दिया जाय.










